MP SAMVAAD LOGO 2

दिल्ली का एक्शन, बालाघाट तक बढ़ी आंच! PDS चावल मामले में FCI के 5 अधिकारी निलंबित.

0

Delhi Action Reaches Balaghat: Five FCI Officials Suspended in PDS Rice Case

MP संवाद समाचार, बालाघाट/भोपाल।

भारतीय खाद्य निगम (FCI) में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के लिए आवंटित चावल की कथित अनियमित बिक्री को लेकर देशभर में हलचल तेज हो गई है। विजिलेंस रिपोर्ट के आधार पर FCI के पांच अधिकारियों को निलंबित किए जाने के बाद अब जांच का दायरा विभिन्न राज्यों तक फैलता दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में सामने आए सरकारी चावल हेराफेरी प्रकरण पर भी जांच एजेंसियों की नजर बनी हुई है।

PDS चावल घोटाले पर FCI में बड़ा एक्शन

सूत्रों के अनुसार, उत्तर-पूर्व (North-East) राज्यों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत रखे गए चावल की बिक्री में कथित अनियमितताएं सामने आने के बाद FCI के विजिलेंस विंग की रिपोर्ट पर मुख्यालय स्तर से कार्रवाई की गई है।

मंत्रालय के निर्देशों के बाद पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई ओपन मार्केट सेल स्कीम (OMSS-D) के तहत चावल बिक्री में सामने आई कथित प्रक्रियागत अनियमितताओं से जुड़ी है।

बालाघाट में भी OMSS के तहत अनियमितता की जांच

ओपन मार्केट सेल स्कीम (OMSS) के तहत मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में भी चावल वितरण में कथित अनियमितता का मामला सामने आया है।

जांच के अनुसार, 3 जून 2026 को नवेगांव स्थित FCI गोदाम से छिंदवाड़ा जिले के बोरगांव स्थित एथेनॉल प्लांट के लिए भेजे गए तीन ट्रकों में से एक ट्रक वारासिवनी स्थित संचेती राइस मिल परिसर में मिला था। इसके बाद पूरे मामले में प्राथमिकी दर्ज कर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।

अब तक की SIT जांच

SIT की जांच में अब तक निम्न कार्रवाई सामने आई है—

  • 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
  • 2 आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।
  • 13 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है।
  • 70 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है।
  • अब तक 20 ट्रकों को जब्त किया जा चुका है।

हालांकि, इन सभी तथ्यों की अंतिम पुष्टि जांच एजेंसी की रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

दिल्ली से शुरू हुई कार्रवाई, क्या प्रदेश तक पहुंचेगी आंच?

विजिलेंस रिपोर्ट के बाद दिल्ली स्तर पर हुई विभागीय कार्रवाई के बीच अब यह चर्चा भी तेज है कि जांच का दायरा आगे और बढ़ सकता है।

सूत्रों के अनुसार, यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं, तो भोपाल से लेकर बालाघाट तक संबंधित अधिकारी-कर्मचारी भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। हालांकि, फिलहाल किसी अधिकारी के विरुद्ध इस संबंध में कोई आधिकारिक कार्रवाई घोषित नहीं की गई है।

नई SIT टीम से बड़े खुलासों की उम्मीद

सूत्रों के मुताबिक, टीम में प्रशासनिक फेरबदल के बाद नई SIT ने दस्तावेजों, परिवहन रिकॉर्ड और संबंधित पक्षों के बयानों की दोबारा गहन समीक्षा शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित अनियमितताओं की वास्तविक प्रकृति क्या थी और किन व्यक्तियों अथवा संस्थाओं की क्या भूमिका रही।

This report includes official information and source-based claims. Allegations remain under investigation, and legal responsibility will be determined by competent authorities only.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

In respect of all matters arising under and in relation to this Company or the Arrangement and waives, the exclusive jurisdiction of the courts of the Bhopal and the laws of Madhya Pradesh and India, to the fullest extent possible, shall be applicable. | CoverNews by AF themes.