पत्रकारिता पर दबाव का आरोप, खबर हटाने को लेकर कटनी में बवाल.
Allegations of Pressure on Journalism: Uproar in Katni Over Demands to Remove News Report.

Special Correspondent, Katni, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, कटनी। कटनी जिले में पत्रकार को कथित रूप से जान से मारने की धमकियां मिलने का मामला सामने आया है। इस घटना के विरोध में जिले के पत्रकारों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और पत्रकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
खबर प्रकाशित होते ही बढ़ा विवाद
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि विंध्य लोकवाणी न्यूज के पत्रकार विकास श्रीवास्तव द्वारा हाल ही में बरही स्थित श्रीजी रेस्टोरेंट से संबंधित एक समाचार प्रकाशित किया गया था। आरोप है कि समाचार प्रकाशित होने के बाद रेस्टोरेंट संचालक और उसके सहयोगियों द्वारा खबर हटाने के लिए दबाव बनाया जाने लगा।
पत्रकारों का आरोप है कि पत्रकार विकास श्रीवास्तव और उनके परिवार को फोन तथा व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से कथित धमकियां दी गईं।
परिवार तक पहुंचा दबाव, गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी का आरोप
ज्ञापन में दावा किया गया है कि कुछ लोगों ने पत्रकार के परिजनों से संपर्क कर समाचार हटाने का दबाव बनाया। आरोप है कि खबर नहीं हटाने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी गई। इसके अलावा अज्ञात नंबरों से धमकी भरे कॉल आने की बात भी कही गई है।
पत्रकारों ने उठाए सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता के सवाल
पत्रकारों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रासंगिक धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए। साथ ही पत्रकार विकास श्रीवास्तव एवं उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया कि यदि समाचार प्रकाशित करने के कारण पत्रकारों को धमकियां मिलती हैं तो यह स्वतंत्र पत्रकारिता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
पत्रकार संगठनों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि पत्रकारों की सुरक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक है।
नोट
उक्त सभी आरोप पत्रकारों द्वारा पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए ज्ञापन में लगाए गए हैं। संबंधित पक्ष का पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।