फार्मासिस्ट गायब, डॉक्टर मौजूद! कटनी में स्वास्थ विभाग का छापा.
Pharmacist Missing, Doctor Found! Health Department Raid in Katni Uncovers Major Irregularities.

Special Correspondent, Katni, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, कटनी। कटनी जिले में औषधियों की बिक्री और भंडारण व्यवस्था को नियमों के अनुरूप सुनिश्चित करने के लिए बुधवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. राज सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में औषधि विभाग की टीम ने कन्हवारा स्थित मित्रा फार्मेसी का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोर में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रतिष्ठान को बंद करा दिया।
फार्मासिस्ट अनुपस्थित, दस्तावेज भी नहीं मिले
जांच के दौरान मेडिकल स्टोर पर नियुक्त फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिला। दवाओं के भंडारण और संधारण से संबंधित आवश्यक अभिलेख भी मौके पर उपलब्ध नहीं पाए गए।
इसके अलावा बिना चिकित्सकीय पर्चे के दवाओं का विक्रय किए जाने की बात भी जांच में सामने आई, जो औषधि नियमों का उल्लंघन माना जाता है।
मेडिकल स्टोर की आड़ में चल रहा था इलाज?
निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि मेडिकल स्टोर परिसर में एक चिकित्सक मरीजों का उपचार करते हुए मिला। इस तथ्य ने मामले को और गंभीर बना दिया।
स्वास्थ्य विभाग अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि कहीं मेडिकल स्टोर की आड़ में अवैध रूप से चिकित्सा सेवाएं तो संचालित नहीं की जा रही थीं।
मौके पर बंद कराई गई फार्मेसी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए निरीक्षण दल ने तत्काल मेडिकल स्टोर को बंद करा दिया। साथ ही संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रकरण में नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
शहर के अन्य मेडिकल स्टोर भी जांच के दायरे में?
निरीक्षण दल में ड्रग इंस्पेक्टर सोनम जैन, डीएचओ डॉ. समीर सिंघई तथा नर्सिंग होम प्रभारी नितिन तपा शामिल रहे।
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद शहर के अन्य मेडिकल स्टोर भी चर्चा में आ गए हैं। जानकारों का मानना है कि यदि इसी तरह व्यापक जांच अभियान चलाया जाए तो कई और अनियमितताएं सामने आ सकती हैं।
बड़ा सवाल
जब मेडिकल स्टोर में फार्मासिस्ट मौजूद नहीं था, दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे और बिना पर्चे दवाएं बेची जा रही थीं, तो आखिर अब तक निगरानी व्यवस्था क्या कर रही थी?
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विभाग इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है और क्या अन्य मेडिकल स्टोरों की भी व्यापक जांच होगी।