कैंसर नियंत्रण का नया रोडमैप, मेडिकल कॉलेज विदिशा में जुटे देश के विशेषज्ञ.
A New Roadmap for Cancer Control: Experts from Across the Country Gather at Vidisha Medical College.

MP संवाद समाचार, भोपाल/विदिशा.
Special Correspondent, Richa Tiwari, Bhopal, MP Samwad News.
अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, विदिशा में “सामान्य कैंसर जागरूकता, रोकथाम एवं नियंत्रण” विषय पर स्नातकोत्तर चिकित्सकों एवं इंटर्न्स के लिए एक दिवसीय सतत चिकित्सा शिक्षा (Continuing Medical Education – CME) कार्यक्रम आयोजित किया गया।
यह कार्यक्रम टाटा मेमोरियल सेंटर (टीएमसी), मुंबई के सेंटर फॉर कैंसर एपिडेमियोलॉजी (CCE) एवं डिवीजन ऑफ इम्प्लीमेंटेशन साइंस एंड बिहेवियरल रिसर्च (DISBR) द्वारा विदिशा जिला चिकित्सालय एवं मेडिकल कॉलेज के सहयोग से आयोजित किया गया।
कैंसर नियंत्रण में जागरूकता और समय पर जांच की अहम भूमिका
कार्यक्रम का शुभारंभ मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ. मनीष निगम एवं सीसीई की उपनिदेशक डॉ. गौरवी मिश्रा के स्वागत उद्बोधन से हुआ। इस अवसर पर कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), सिविल सर्जन तथा अन्य वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में वक्ताओं ने कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए समय पर जांच, रोकथाम और जनजागरूकता को प्रभावी हथियार बताया।
टाटा मेमोरियल सेंटर के विशेषज्ञों ने साझा की नवीनतम जानकारी
कार्यक्रम में टाटा मेमोरियल सेंटर के विशेषज्ञों ने कैंसर की महामारी विज्ञान, स्क्रीनिंग, रोकथाम एवं उपचार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
डॉ. हरिमाधव विश्वनाथन ने कैंसर की वर्तमान स्थिति, जोखिम कारकों और महामारी विज्ञान पर प्रकाश डाला।
वहीं डॉ. अश्विन सत्यन ने मुख कैंसर की स्क्रीनिंग एवं प्रबंधन से जुड़े वैज्ञानिक प्रमाण प्रस्तुत करते हुए तंबाकू और मद्यपान के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी।
स्तन और सर्वाइकल कैंसर की समय पर पहचान से बच सकती हैं जानें
डॉ. अथुल्या बालगोपाल ने स्तन कैंसर एवं गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की स्क्रीनिंग, प्रारंभिक पहचान और उपचार के मूलभूत सिद्धांतों पर व्याख्यान दिया।
उन्होंने कहा कि समय पर जांच और नियमित स्क्रीनिंग के माध्यम से कैंसर से होने वाली मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
HPV टीकाकरण और तंबाकू नियंत्रण पर विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण कार्यक्रमों, कैंसर की रोकथाम के उपायों, एचपीवी (HPV) टीकाकरण, तंबाकू नियंत्रण अभियान और समुदाय आधारित स्क्रीनिंग कार्यक्रमों की उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने बताया कि कैंसर की रोकथाम के लिए केवल उपचार ही नहीं, बल्कि जागरूकता और जीवनशैली में सुधार भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रिवेंटिव ऑन्कोलॉजी में करियर की संभावनाओं पर भी हुई चर्चा
कार्यक्रम के अंतिम सत्र में डॉ. हरिमाधव विश्वनाथन ने प्रिवेंटिव ऑन्कोलॉजी के क्षेत्र में उपलब्ध उच्च शिक्षा, पोस्ट-डॉक्टोरल अवसरों और करियर संभावनाओं की जानकारी दी।
इसके बाद आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में चिकित्सकों और इंटर्न्स ने कैंसर नियंत्रण, रोकथाम और उपचार से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों से संवाद किया।
बड़ी संख्या में चिकित्सक और इंटर्न हुए लाभान्वित
कार्यक्रम का समापन सामुदायिक चिकित्सा विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रिचा निगम द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
इस सीएमई कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्नातकोत्तर विद्यार्थियों, इंटर्न्स और संकाय सदस्यों ने भाग लिया तथा कैंसर की रोकथाम, शीघ्र पहचान और नियंत्रण संबंधी नवीनतम वैज्ञानिक जानकारियों से लाभान्वित हुए।