ग्वालियर में 16 नर्सिंग होम्स पर बड़ी कार्रवाई, लाइसेंस रद्द.
Major action in Gwalior: Licenses of 16 nursing homes cancelled.

Special Correspondent, Anuj Pandey, Gwalior, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, ग्वालियर। ग्वालियर जिले में बिना नवीनीकरण के संचालित नर्सिंग होम्स के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने 16 नर्सिंग होम्स के पंजीयन निरस्त कर दिए, जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
नियमों की अनदेखी भारी पड़ी, समय पर नहीं कराया रिन्यूअल
जानकारी के अनुसार, इन सभी नर्सिंग होम्स की वैधता 31 मार्च 2026 को समाप्त हो गई थी।
नियमों के तहत समय रहते ऑनलाइन आवेदन कर रिन्यूअल कराना अनिवार्य था, लेकिन संबंधित संस्थाओं ने निर्धारित समय सीमा में आवेदन प्रस्तुत नहीं किया।
कानून साफ—बिना पंजीयन संचालन पूरी तरह अवैध
MP रजिस्ट्रीकरण एवं अनुज्ञापन अधिनियम 1993 (संशोधित 2008, 2021) और नियम 1997 के अनुसार बिना वैध पंजीयन के किसी भी नर्सिंग होम का संचालन पूरी तरह अवैध है।
इसके बावजूद ये संस्थाएं नियमों को नजरअंदाज कर संचालित हो रही थीं।
नोटिस के बाद भी नहीं जागे संचालक
सीएमएचओ कार्यालय द्वारा पहले ही सभी नर्सिंग होम्स को नोटिस जारी कर सूचित किया गया था कि 28 फरवरी 2026 तक ऑनलाइन आवेदन पोर्टल खुला रहेगा।
इसके बाद भी लापरवाही जारी रही, यहां तक कि 22 मार्च तक अतिरिक्त समय देने के बावजूद आवेदन नहीं किया गया।
अब सख्त संदेश—नियम तोड़े तो सीधा एक्शन
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि स्वास्थ्य संस्थानों में नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लाइसेंस निरस्त होने के बाद इन नर्सिंग होम्स का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
“लापरवाही या नियमों से खिलवाड़?”
यह कार्रवाई कई बड़े सवाल खड़े करती है—
क्या बिना लाइसेंस इतने समय से अस्पताल चल रहे थे?
जिम्मेदारों पर और क्या कार्रवाई होगी?
ग्वालियर में यह एक्शन स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ा संदेश है कि अब लापरवाही नहीं चलेगी।