मौत पर भी कमीशन? मऊगंज में संबल योजना की राशि में बड़ा घोटाला उजागर.
Commission Even on Death? Major Scam in Sambal Scheme Funds Exposed in Mauganj.

Special Correspondent, Amit Singh, Mauganj, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, मऊगंज। मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां सरकार की गरीब हितैषी मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना को ही कुछ लोगों ने कमाई का जरिया बना लिया है।
आरोप है कि इस योजना के नाम पर गरीब श्रमिक परिवारों से पैसे ऐंठे जा रहे हैं और मृत्यु के बाद मिलने वाली अनुग्रह सहायता राशि में भारी गड़बड़ी की जा रही है।
मौत के बाद भी ‘खेल’ जारी
संबल योजना के तहत:
- सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रुपये
- दुर्घटना में मृत्यु पर 4 लाख रुपये
- अंतिम संस्कार के लिए 5 हजार रुपये
की सहायता राशि दी जाती है।
लेकिन आरोप है कि अब इस राशि पर दलालों की नजर है और इसे हड़पने के लिए पूरा नेटवर्क सक्रिय हो गया है।
ऑपरेटर-दलाल गठजोड़, पूरा नेटवर्क सक्रिय
सूत्रों के अनुसार, विभागीय ऑपरेटर और गांव के दलालों की सांठगांठ से यह खेल संचालित हो रहा है।
- मृतक के परिवार से आधार कार्ड, पासबुक, चेक और फोटो लिए जाते हैं
- सरकारी राशि खाते में आने के बाद
👉 बड़ा हिस्सा कथित रूप से निकालकर हड़प लिया जाता है
यह मामला हनुमना जनपद के ग्राम देवरा में दर्जनों मामलों के रूप में सामने आया है।
पीड़ित का बड़ा आरोप
पीड़ित रमेश विश्वकर्मा के अनुसार:
- उनकी पत्नी की मृत्यु के बाद मिलने वाले 4 लाख रुपये में से 2 लाख रुपये निकाल लिए गए
- आरोप है कि यह रकम एक स्थानीय व्यक्ति ने अपने खाते में ट्रांसफर करवाई
और सबसे चौंकाने वाला दावा:
👉 इस राशि का हिस्सा सरपंच, सचिव और जनपद स्तर तक देना पड़ता है
गरीब और अशिक्षित बन रहे निशाना
हितग्राहियों का कहना है कि यह
👉 कोई एक-दो लोगों का मामला नहीं
👉 बल्कि एक पूरा संगठित नेटवर्क है
जो खासतौर पर
👉 गरीब और अशिक्षित परिवारों को निशाना बना रहा है
शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं
- मामले की शिकायत जनपद और स्थानीय पुलिस चौकी में की गई
- लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई
निराश पीड़ित कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचे और चेतावनी दी कि
👉 न्याय नहीं मिला तो आत्महत्या करेंगे
प्रशासन हरकत में, जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए
कलेक्टर संजय जैन ने संज्ञान लेते हुए
👉 हनुमना जनपद CEO सुरभि श्रीवास्तव को जांच के आदेश दिए हैं
बड़ा सवाल: क्या दब जाएगा मामला?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि:
👉 क्या जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी?
👉 या यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा?
मऊगंज को नया जिला बनने का दर्जा भले मिल गया हो, लेकिन
👉 भ्रष्टाचार के मामलों में लगातार बढ़ोतरी
👉 और प्रशासनिक कार्रवाई की धीमी गति
कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।