बालाघाट में फ्लेवर के नाम पर जहर? राइस मिलों से संदिग्ध रसायन जब्त.
Poison in the Name of Flavor in Balaghat? Suspicious Chemicals Seized from Rice Mills.

Special Correspondent, Anand Tamrakar, Balaghat, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, बालाघाट। जिले के वारासिवनी नगर स्थित गायत्री राइस मिल और आनंद राइस मिल में कलेक्टर मृणाल मीणा के निर्देश पर की गई जांच में बड़ा खुलासा हुआ है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने चावल में कृत्रिम सुगंध बनाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे रसायनों की बोतलें जब्त की हैं, जिससे पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया है।
‘Rabbit Brand’ फ्लेवर की बोतलें जब्त
जांच के दौरान जब्त रसायनों की बोतलों पर
“Rabbit Brand Basmati Rice Special Flavor” अंकित मिला,
जिसका निर्माता जगन इंडस्ट्रीज, नई दिल्ली बताया गया है।
बताया गया कि इस फ्लेवर में प्रमुख घटक प्रोपिलीन ग्लाइकोल (Propylene Glycol) है, जिसका उपयोग सामान्यतः औद्योगिक उत्पादों में किया जाता है।
‘कालीमूंछ’ चावल के नाम पर मिलावट का खेल
आरोप है कि कुछ राइस मिलर्स
- यूपी, बिहार और कर्नाटक से सामान्य चावल मंगाकर
- उसमें रसायन मिलाकर नकली सुगंध तैयार कर रहे हैं
- और उसे प्राकृतिक “कालीमूंछ” चावल बताकर बाजार में बेच रहे हैं
यह चावल न सिर्फ जिले और प्रदेश में, बल्कि अन्य राज्यों में भी सप्लाई किया जा रहा है।
पैकिंग में बड़ा खेल
खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगेश डोंगरे के अनुसार:
- दोनों राइस मिलों से 1-1 रसायन की बोतल जब्त की गई
- मिलों में मिले चावल के बैग पर “Added Flavor” का डिक्लेरेशन लिखा था
लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि
👉 बाजार में बिक रहे इन्हीं ब्रांड के चावल के बैग पर ऐसा कोई डिक्लेरेशन नहीं है, जिससे उपभोक्ताओं को गुमराह किया जा रहा है।
स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार प्रोपिलीन ग्लाइकोल जैसे रसायनों का खाद्य पदार्थों में उपयोग गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है। आरोप है कि इसी तरह के रसायनों के सेवन से जुड़े मामलों में
छिंदवाड़ा जिले में बच्चों की मौत और गंभीर बीमारियां सामने आ चुकी हैं, जिससे इस मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है।
कानून भी सख्त, फिर भी खेल जारी
खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के अनुसार:
- चावल एक पूर्णतः प्राकृतिक उत्पाद है
- इसमें किसी भी प्रकार की कृत्रिम मिलावट प्रतिबंधित है
यदि चावल में नकली सुगंध के लिए रसायन मिलाया जाता है, तो वह
👉 अमानक खाद्य पदार्थ (Substandard Food) की श्रेणी में आता है
👉 और दोषियों पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है
बड़ा सवाल: कब होगी कड़ी कार्रवाई?
इन तथ्यों के बावजूद जिले में कुछ राइस मिलर्स द्वारा
👉 नकली कालीमूंछ चावल बनाकर उपभोक्ताओं को धोखा दिया जा रहा है
👉 और लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है
अब सवाल यह है कि
क्या जांच रिपोर्ट आने के बाद मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई होगी या मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा?