कटनी में नियमों की धज्जियां: सड़क से सटाकर काटे जा रहे प्लॉट, जिम्मेदार मौन.
Rules Flouted in Katni: Plots Being Carved Right Along the Road, Authorities Remain Silent.

Special Correspondent, Katni, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, कटनी जिले में अवैध प्लॉटिंग का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिला प्रशासन समय-समय पर कार्रवाई का दावा जरूर करता है, लेकिन इसके बावजूद शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक भूमाफिया बेखौफ होकर कृषि भूमि को काटकर प्लॉट बेच रहे हैं। इससे न केवल सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है बल्कि आम नागरिक भी भविष्य के संकट की ओर धकेले जा रहे हैं।
इसी कड़ी में कुठला थाना क्षेत्र के रीठी मार्ग पर बायपास से पहले आईटीआई भवन के सामने बड़े पैमाने पर अवैध प्लॉटिंग किए जाने का मामला सामने आया है। यहां सड़क से सटाकर कृषि भूमि को छोटे-छोटे प्लॉटों में काटा जा रहा है, जिससे प्रशासन की निगरानी और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना वैधानिक प्रक्रिया पूरी किए भूमाफिया खुलेआम प्लॉटिंग कर रहे हैं। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में यहां बड़ी समस्याएं खड़ी हो सकती हैं।
सड़क की चौड़ाई पर पड़ेगा असर, बढ़ेगा हादसों का खतरा
क्षेत्रवासियों के अनुसार सड़क की पट्टी से बिल्कुल सटाकर प्लॉट तैयार किए जा रहे हैं। आने वाले समय में यदि इन प्लॉटों पर मकान और दुकानें बनती हैं तो सड़क की चौड़ाई प्रभावित होगी। इससे ट्रैफिक जाम, पार्किंग की समस्या और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ सकता है।
मुख्य मार्ग पर निर्धारित सेटबैक और सुरक्षा मानकों की अनदेखी आम लोगों की जान को जोखिम में डाल सकती है।
बिना अनुमति चल रही प्लॉटिंग, मिलीभगत की चर्चा
सूत्रों की मानें तो यह प्लॉटिंग बिना भूमि कन्वर्जन और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की अनुमति के की जा रही है। मामले में राजस्व विभाग के कुछ जिम्मेदार अधिकारियों की संभावित मिलीभगत की भी चर्चा स्थानीय स्तर पर हो रही है, जिससे प्रशासन की साख पर सवाल उठ रहे हैं।
जांच और एफआईआर की मांग
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कर अवैध प्लॉटिंग पर रोक लगाई जाए और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की जाए।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में यहां गंभीर हादसे हो सकते हैं।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में सख्त कदम उठाता है या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा।