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अब शौर्य ने तोड़ा दम, कूनो प्रोजेक्ट के तहत लाया गया था नामीबिया से। कूनों में अब तक दस चीतों की मौत

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भोपाल/ श्योपुर। मंगलवार को श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में एक और चीते की मौत हो गई। नामीबिया से लाए गए शौर्य नाम के इस चीता ने दोपहर 3 बजे के करीब दम तोड़ दिया। इससे पहले चीतों की मॉनिटरिंग कर रही टीम ने सुबह 11 बजे जब उसे देखा तो वह अचेत हालत में था। टीम ने उसे ट्रैंकुलाइज कर सीपीआर दिया। कुछ देर बाद उसे होश आया लेकिन कमजोरी बहुत थी। काफी कोशिश के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। कूनो में एक और वयस्क चीते की मौत के बाद नेशनल पार्क प्रबंधन में हड़कंप की स्थिति व्याप्त है। प्रबंधन ने शौर्य की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही पर मौत के सही कारणों की जानकारी सामने आ पाएगी। मध्य प्रदेश में चीतों को दूसरी जगह भी बसाने की तैयारी चल रही है, इसके साथ ही केन्या से भी कुछ चीतों को भारत लाने की तैयारी की जा रही है। कूनो नेशनल पार्क में नामाबिया से लाए गए चीता शौर्य की मौत के बाद चीता प्रोजेक्ट में अभी तक दस चीतों की मौत हो चुकी है, जिनमें सात चीते और तीन शावक शामिल हैं। जानकारी के अनुसार 26 मार्च 2023 को साशा की मौत, 23 अप्रैल 2023 नर चीता उदय की मौत, मादा चीता दक्षा की मेटिंग के दौरान मौत, ज्वाला के एक शावक की मौत, ज्वाला के दो और शावकों की मौत। 11 जुलाई 2023 आपसी संघर्ष में नर चीता तेजस की मौत, 14 जुलाई 2023 को आपसी संघर्ष में नर चीता सूरज की मौत, जबकि 2 अगस्त 2023 इंफेक्शन से मादा चीता धात्री की मौत हो गई। चीता प्रोजेक्ट के तहत कूनो के जंगल में नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से कुल 20 चीते लाए गए थे। शावकों को लेकर अभी तक 10 चीतों की मौत हो गई है। इनमें सात बड़े चीते शामिल हैं। साथ ही तीन शावकों की मौत हुई है। कूनो नेशनल पार्क में 13 बड़े चीते हैं, साथ ही चार शावक हैं। इनका जन्म भारत में ही हुआ है। तीन शावकों का जन्म दिसंबर के अंत में हुआ है, जिसे आशा ने जन्मा था।

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