फेंकें नहीं, हमें दें: विदिशा में प्रशासन की नवजात संरक्षण पहल.
Don’t Abandon, Give to Us: Vidisha Administration’s Newborn Protection Initiative.
Sitaram Kushwaha, Special Correspondent, Vidisha, MP Samwad.
In Vidisha, the administration has launched a newborn protection initiative by setting up baby cradles in government hospitals and child care centers. Abandoned infants can now be safely left without revealing the identity. The initiative ensures immediate rescue, medical care, and legal adoption, securing a safe and nurturing future.
MP संवाद, विदिशा कलेक्टर अंशुल गुप्ता के निर्देशन में महिला एवं बाल विकास विभाग ने जिले के सभी खंड स्तरीय शासकीय चिकित्सालयों, अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय और शिशु गृह (जेल के पास) में विशेष ‘पालना’ (Baby Cradle) स्थापित किए हैं।
इन पालना केंद्रों पर कोई भी व्यक्ति, यदि किसी कारणवश शिशु का पालन-पोषण नहीं कर पा रहा है, तो वह बिना अपनी पहचान उजागर किए, सुरक्षित रूप से बच्चे को पालना में छोड़ सकता है।
जैसे ही शिशु पालना में छोड़ा जाएगा, स्वास्थ्य अमला तुरंत बच्चे को रेस्क्यू कर शिशु गृह ले जाएगा। वहाँ उसकी चिकित्सीय देखभाल, पोषण और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद बाल कल्याण समिति की देखरेख में कानूनी प्रक्रिया पूरी कर बच्चे को गोद दिलवाया जाएगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीता लोढ़ा ने बताया कि अतीत में जिले भर में करीब 5-7 मामले सामने आए, जब नवजातों को असुरक्षित जगहों पर छोड़ने से उनकी मौत हो गई। यह न केवल अमानवीय था, बल्कि समाज की संवेदनशीलता पर भी सवाल उठाता था।
अब यह पालना व्यवस्था इन मासूमों को जीवन देने और उन्हें स्नेहिल भविष्य दिलाने का मजबूत माध्यम बनेगी।
“प्यार का दुलार, भविष्य निर्माण का – फेंके नहीं, हमें दें।”
जिला प्रशासन चाहता है कि कोई भी मासूम असुरक्षित हालात में अपनी जिंदगी न गंवाए। इस अभियान से बच्चे को सुरक्षित जीवन मिलेगा और गोद लेने की प्रक्रिया से उन्हें नया परिवार मिलेगा। साथ ही समाज में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना भी बढ़ेगी।