विदिशा नगर पालिका में पार्षदों का विद्रोह: नियम विरुद्ध भर्ती और करोड़ों की हानि का मामला.
Rebellion in Vidisha Municipal Council: Case of Illegal Recruitment and Loss of Crores.
Samarth Yadav, Sub Editor, Bhopal, MP Samwad.
38 Vidisha Municipal Councilors united against Mayor Preeti Rakesh Sharma, alleging illegal recruitment, financial losses worth crores, and misuse of powers. The councilors met the Collector demanding accountability and action, exposing corruption and administrative irregularities in the city’s governance.
MP संवाद, विदिशा: नगर पालिका परिषद के 38 पार्षद एकजुट होकर कलेक्टर ऑफिस पहुँचे और नगर पालिका अध्यक्ष प्रीति राकेश शर्मा को पद से हटाने की कवायद शुरू कर दी। सूत्रों के अनुसार, पार्षदों ने सबसे पहले एक होटल में बैठक की, जहां आपसी सहमति के साथ कलेक्टर से मुलाकात की रणनीति बनाई गई।
अध्यक्ष पर गंभीर आरोप
सूत्रों का आरोप है कि प्रीति राकेश शर्मा तीन वर्षों से नगर पालिका अध्यक्ष के पद पर हैं, लेकिन अपने कर्तव्यों का पालन नगर पालिका अधिनियम 1961 के प्रावधानों के अनुसार नहीं किया।
पति का हस्तक्षेप और अराजकता
आरोपों के अनुसार, परिषद सम्मेलनों में अध्यक्षता उनके पति, राकेश शर्मा द्वारा की जाती है, जिससे नगरपालिका कार्यों में सीधे हस्तक्षेप होता है। इससे विकास कार्य ठप होते हैं और जनता बंचित होती है।
नियम उल्लंघन और करोड़ों की हानि
नगर पालिका अधिनियम 1961 के नियम 51 का पालन नहीं करने के आरोप लगाए गए हैं। इनके कार्यकाल में:
- 200 कर्मचारियों की नियमविरुद्ध भर्ती की गई।
- संजय शॉपिंग सेंटर की नीलामी फर्जी परिषद बैठक में पारित की गई।
- करोड़ों रूपए की आर्थिक हानि निकाय को उठानी पड़ी।
पार्षदों की चेतावनी
पार्षदों ने कहा कि यदि कलेक्टर कार्रवाई नहीं करते हैं, तो निकाय में और भी बड़ा आंदोलन देखा जा सकता है। लंबे समय से चली आ रही अराजकता और भ्रष्टाचार के खिलाफ पार्षदों का यह कदम सख्त चेतावनी माना जा रहा है।

