स्वास्थ्य व्यवस्था की शर्मनाक हार: विदिशा अस्पताल में गंदगी का ‘डेड बॉडी रूम’!
For 2 years, Vidisha Hospital’s morgue has drowned in sewage. Staff and families endure filth as authorities ignore complaints. A damning indictment of MP’s health governance.
Neglect in MP Health: Sewage floods Vidisha Hospital’s morgue for 2 years.
Shameful Defeat of the Health System: Vidisha Hospital’s ‘Dead Body Room’ Drowned in Filth!
Sitaram Kushwaha, Special Correspondent, Vidisha, MP Samwad.
Vidisha District Hospital’s postmortem room reeks of sewage for 2 years! Staff, police, and grieving families forced to wade through filth. Authorities ignore repeated complaints. A shocking failure of Madhya Pradesh’s health system.
विदिशा जिला अस्पताल का पोस्टमॉर्टम रूम इन दिनों गंदगी और उपेक्षा की मिसाल बन गया है। अस्पताल की बेसमेंट में बने इस कमरे तक पहुँचने का रास्ता सीवेज के गंदे पानी से भरा हुआ है, जहाँ खड़े होना भी मुश्किल है। डॉक्टर, कर्मचारी, मृतक के परिजन और पुलिसकर्मी सभी को इसी गंदे नाली से गुजरना पड़ता है। शवों को अक्सर एम्बुलेंस से ही ले जाया जाता है, क्योंकि पैदल चलना लगभग असंभव है।
कर्मचारियों का आरोप:
- अस्पताल स्टाफ ने बताया कि सिविल सर्जन को कई बार लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन 1.5 साल से कोई कार्रवाई नहीं हुई।
- एक डॉक्टर ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “अधिकारियों को पता है, लेकिन लापरवाही जारी है।”
एम्बुलेंस चालक और पुलिस की पीड़ा:
- एम्बुलेंस ड्राइवर राजू यादव: “शव को गाड़ी में ही रखकर ले जाना पड़ता है। गंदगी से साँस लेना तक मुश्किल!”
- पुलिसकर्मी राजेश कुकरेती: “यहाँ काम करना खतरनाक है। अधिकारियों ने हमारी शिकायतों को नजरअंदाज किया।”