विदिशा में बैंको की बैठक बनी दिखावा, गरीबों की पीड़ा बेनज़र.
In Vidisha, the bank meeting turned out to be a façade, leaving the poor’s suffering unheard.
Sitaram Kushwaha, Special Correspondent, Vidisha, MP Samwad.
In Vidisha’s Gyaraspur meeting, bank managers and RBI officials failed to address grievances. Poor citizens, especially women, attended with hope, but their problems went unheard. The meeting appeared to be merely a formality, exposing the negligence of banking authorities toward vulnerable beneficiaries.
MP संवाद, विदिशा जिले के ग्यारसपुर में ब्लॉक स्तरीय बैंकों की बैठक में बैंक मैनेजर और रिज़र्व बैंक के कर्मचारी उपस्थित रहे। इस बैठक में अधिकारियों ने बैंक हितग्राहियों की समस्याओं और परेशानियों को गंभीरता से नहीं सुना।
कई उपभोक्ता ग्यारसपुर बैंक की कार्यप्रणाली से नाराज हैं। लोन के लिए गरीब व्यक्ति महीनों तक चक्कर काटना पड़ता है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं होता। बैठक में बड़ी उम्मीद के साथ महिलाएं और क्षेत्र के उपभोक्ता पहुंचे थे, लेकिन किसी की भी बात को ध्यान नहीं दिया गया।
दिखावे के लिए बैठक
ग्यारसपुर में आयोजित ब्लॉक स्तरीय बैंक बैठक में बैंक मैनेजर और रिज़र्व बैंक के कर्मचारी मौजूद थे, लेकिन अधिकारियों ने हितग्राहियों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुना।
गरीबों, महिलाओं और उपभोक्ताओं की उम्मीदें टूटीं
बैठक में बड़ी आशा के साथ महिलाएं और स्थानीय हितग्राही आए, लेकिन उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
औपचारिकता बनाम वास्तविकता
बैठक केवल दिखावा बनकर रह गई। अधिकारियों की उदासीनता और बैंकिंग सिस्टम की लापरवाही ने हितग्राहियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।