सब पढ़े सब बढ़ें? योजना अब ‘बस’ नाम के लिए.
Sab Padhe Sab Badhein’? The scheme now exists only in the name of school buses.
Sitaram Kushwaha, Special Correspondent, Vidisha, MP Samwad.
VIDISHA’S CM RISE SCHOOL SCHEME FACES CRISIS AS SCHOOL BUSES REMAIN NON-OPERATIONAL DUE TO EDUCATION DEPARTMENT’S NEGLIGENCE. CHILDREN STRUGGLE TO ATTEND CLASSES, AFFECTING THEIR LEARNING AND FUTURE. AUTHORITIES PROMISE RESTORATION, BUT FRUSTRATION AMONG STUDENTS AND PARENTS CONTINUES.
MP संवाद, विदिशा के ग्रामीण इलाकों में सीएम राइज स्कूल योजना के हाल बहुत बेकार नजर आ रहे है। शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण स्कूल वाहनों का महीनों से संचालन नहीं हो रहा है। बच्चों को मजबूरी में पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
स्कूल बसें बंद, पढ़ाई पर संकट
सरकार की योजना थी कि राज्य के हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचे। इसके लिए स्कूल बसें शुरू की गई थीं। लेकिन विभाग की लापरवाही से यह सेवा ठप हो गई। पढ़ाई के लिए बच्चे कलेक्ट्रेट तक पहुंच गए, बस यही गुहार लगाते हैं कि उनके गांव में स्कूल बस बहाल की जाए।
बच्चों की पीड़ा सामने आई
पिपरिया गांव की 11वीं की छात्रा ने कहा, “पहले बस से स्कूल जाती थी, अब पैदल या किसी साधन से जाना नामुमकिन है। पढ़ाई बंद हो गई है।” छोटे बच्चों की स्कूल तक पहुंचने की मुश्किलें उनके भविष्य को सीधे खतरे में डाल रही हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी का बयान
विदिशा के जिला शिक्षा अधिकारी एसपी जाटव ने बताया कि वाहन ओवरलोड हो गए हैं, इसलिए व्यवस्था प्रभावित हुई। उन्होंने दावा किया कि दो दिन में बस सेवा पुनः शुरू कर दी जाएगी।
अधिकारियों की अनदेखी पर सवाल
बच्चों की पढ़ाई पर हो रहे असर के बीच यह सवाल उठता है कि क्या शिक्षा विभाग अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है? योजना का मूल उद्देश्य खोखला होता नजर आ रहा है और ग्रामीण इलाके के बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित रह रहे हैं।