सिंगरौली में बड़ा घोटाला! आंगनवाड़ी बर्तन खरीदी में ₹4.98 करोड़ की हेराफेरी.
Singrauli officials procured Anganwadi utensils at exorbitant rates, triggering a ₹4.98 crore scam investigation and immediate suspensions.
Singrauli Anganwadi utensil scam: Officials purchased kitchen items at inflated prices, leading to a ₹4.98 crore fraud investigation.
Big Scam in Singrauli! ₹4.98 Crore Embezzlement in Anganwadi Utensil Procurement.
Special Correspondent, Singrauli, MP Samwad.
A major scam has surfaced in Singrauli regarding Anganwadi utensil procurement. Officials purchased utensils at highly inflated rates via GEM Portal, ignoring market prices. Congress raised the issue in the assembly, prompting a response from the minister. Investigations led to the suspension of the district program officer and halted payments.
बाजार से कई गुना महंगे दामों पर खरीदी गई सामग्री:
- स्टील की थाली – ₹610 में खरीदी गई, जबकि बाजार में अधिकतम कीमत ₹150।
- स्टील का गिलास – ₹162 में खरीदा गया, जबकि बाजार में ₹25 में उपलब्ध।
- स्टील का चम्मच – ₹38 प्रति नग खरीदा गया, जबकि बाजार में ₹10 में उपलब्ध।
- स्टील की करछुल – ₹335 में खरीदी गई, जबकि बाजार में ₹30-₹50 की मिलती है।
- कंटेनर – ₹993 प्रति नग, जबकि बाजार में मात्र ₹150 प्रति किलो।
- स्टील का जग – ₹247 में खरीदा गया, जबकि बाजार में ₹150 में उपलब्ध।
- बाल्टी – ₹1000 में खरीदी गई, जबकि बाजार में ₹300 प्रति किलो उपलब्ध।
बर्तन खरीद के लिए छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले की जय माता दी कॉरपोरेशन को ठेका दिया गया। यदि यह खरीदी सिंगरौली, रीवा या भोपाल से होती, तो शायद भ्रष्टाचार से बचा जा सकता था।
5 गुना तक अधिक दरें, बड़े घोटाले की आशंका
बर्तन दुकानों से आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए जो टेंडर डाले गए और सामान खरीदे गए, उनमें 5 गुना तक अधिक कीमतें लगाई गईं, जो भ्रष्टाचार के स्पष्ट संकेत हैं।
मंत्री का जवाब और जांच का ऐलान
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने विधानसभा में बताया कि रीवा संभाग आयुक्त की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया गया है। इसके बाद सिंगरौली के जिला कार्यक्रम अधिकारी को निलंबित कर दिया गया और सामग्री प्रदाय प्रक्रिया रोक दी गई है। वहीं, विपक्ष ने इस घोटाले पर कार्रवाई की मांग उठाई।
जनवरी 2025 में आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए बर्तन खरीदी में भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए थे। करीब ₹4.98 करोड़ की खरीदी को लेकर EOW (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) ने मामला दर्ज किया। अब विधानसभा में इस पर मंत्री द्वारा लिखित जवाब प्रस्तुत किया गया है।
नौनिहालों के पोषण पर भ्रष्टाचार की मार
आंगनवाड़ियों में बच्चों को कुपोषण से बचाने और उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन अफसरों ने इसमें भी भ्रष्टाचार का रास्ता खोज लिया, जबकि उनकी जिम्मेदारी बच्चों को उचित पोषण देने की थी।
