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425 स्कूलों की मरम्मत जरूरी! शिक्षा के मंदिर बन गए खतरे के घर.

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सिवनी जिले के जर्जर सरकारी स्कूल भवन की तस्वीर जिसमें बच्चे असुरक्षित स्थिति में पढ़ाई कर रहे हैं

Repair Needed in 425 Schools! Temples of Education Have Turned Into Houses of Danger.

Source Gondwana Samay, Edited by Bhopal, MP Samwad.

The education infrastructure in Seoni district is under threat. While the ‘Gift a Desk’ campaign brings furniture for students, 425 government school buildings are in such poor condition that they pose a serious risk to children’s safety. Immediate repair work is required, with crores needed for restoration.

MP संवाद, सिवनी। आदिवासी बहुल जिले सिवनी में बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए ‘गिफ्ट ए डेस्क’ अभियान चलाया जा रहा है। समाजसेवियों, व्यापारियों और प्रवासी नागरिकों द्वारा स्कूलों को डेस्क-बेंच दान किए जा रहे हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ रही है और उन्हें बैठने की सुविधा भी मिल रही है।

हालांकि, इस सराहनीय पहल के समानांतर जिले के कई सरकारी स्कूल भवन अत्यंत जर्जर अवस्था में हैं। कई स्कूलों की छतें टपकती हैं, दीवारें कमजोर हैं और कुछ भवन तो बच्चों की जान के लिए भी खतरा बन चुके हैं।


स्कूल नहीं, जान का खतरा!

जर्जर स्थिति के कारण कई स्कूल भवनों में कक्षाएं चलाना संभव नहीं है। मजबूरन शिक्षण कार्य सामुदायिक भवनों, मंदिरों, आंगनबाड़ियों, पंचायत भवनों, किचन शेड और यहां तक कि शिक्षकों के घरों में संचालित हो रहा है।

विकासखंडवार स्थिति कुछ इस प्रकार है:

विकासखंड अति जर्जर विद्यालयों की संख्या मरम्मत हेतु अनुमानित राशि
बरघाट 21 ₹2.45 करोड़
छपारा 24 ₹96 लाख
धनौरा 7 ₹85.08 लाख
घंसौर 55 ₹99.99 लाख
केवलारी 20 ₹70.65 लाख
कुरई 7 ₹85.63 लाख
लखनादौन 13 ₹1.37 करोड़
सिवनी 18 ₹2.61 करोड़

? कुल मरम्मत योग्य स्कूल: 425
? कुल प्रस्तावित बजट: ₹10 करोड़+ (अनुमानित)

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