जंगल में चोरी का खेल –बीट गार्ड पर चोरी का आरोप, विभाग ने किया निलंबित!
Sehore beat guard caught stealing wire fencing meant for plant protection. Department suspends guard after investigation reveals theft.
Sehore beat guard suspended after stealing wire fencing meant for forest plant protection.
Play of Theft in the Forest – Beat Guard Accused of Theft, Department Suspends Him!
Special Correspondent, Sehore, MP Samwad.
सीहोर जिले के एक बीट गार्ड पर पौधों की सुरक्षा के लिए दी गई तार फेंसिंग चुराने का आरोप लगा। उसने झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन जांच के बाद सच्चाई सामने आई। विभाग ने उसे निलंबित कर चोरी की गई सामग्री की राशि उसकी सैलरी से वसूलने का आदेश दिया।
A beat guard from Sehore district was caught stealing wire fencing meant for plant protection in the forest. He filed a false report, but the truth came to light after an investigation. The department suspended the guard and ordered recovery of the stolen materials from his salary.
MP संवाद, सीहोर: मध्य प्रदेश के जंगलों की सुरक्षा के लिए चलाई जा रही योजनाओं पर तब गंभीर सवाल खड़े हो गए जब सीहोर जिले के रेहटी वन परिक्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। यहां एक बीट गार्ड ने पौधों की सुरक्षा के लिए लगाई गई 13.65 लाख रुपये की तार फेंसिंग ही गायब कर दी और फिर खुद ही झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी।
क्या है पूरा मामला?
- रेहटी वन परिक्षेत्र की बीट खजूरी में चार थानों पर पौधारोपण किया गया था।
- इन पौधों की सुरक्षा के लिए तार फेंसिंग की जिम्मेदारी बीट गार्ड रघुवीर सिंह चौहान को सौंपी गई थी।
- बीट गार्ड ने ही इस फेंसिंग को चुरा लिया और फिर झूठी शिकायत दर्ज करा दी।
कैसे पकड़ा गया?
जब पुलिस ने एक ऑटो चालक को पकड़ा तो पूरा छिपा हुआ सच सामने आया। पता चला कि बीट गार्ड ने ही यह धोखाधड़ी की थी।
विभाग ने क्या कार्रवाई की?
- डीएफओ एस.एस. डाबर ने जांच के बाद बीट गार्ड को निलंबित कर दिया।
- 13.65 लाख रुपये की राशि बीट गार्ड के वेतन से कटौती करने का निर्णय लिया गया।
- हैरान करने वाली बात यह है कि यह बीट गार्ड 2019 में भी गबन के मामले में सस्पेंड हो चुका है।
बड़ा सवाल: क्या सच में सुरक्षित हैं मध्य प्रदेश के जंगल?
यह मामला वन विभाग की आंतरिक लापरवाही और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। अगर पौधों की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले ही चोरी करने लगें, तो जंगलों के संरक्षण की योजनाएं कैसे सफल हो सकती हैं?