रीठी में स्वास्थ्य विभाग का खेल: कागज़ी अस्पताल से ठगा गया गांव.
Health Department’s Game in Reethi: Village Cheated with a Paper Hospital.
Mohan Nayak, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.
A shocking health scam surfaced in Reethi as Mazhgawa villagers found only a school wall marked as a health center. Despite records showing staff appointments, no hospital or workers exist on the ground. Villagers remain deprived of healthcare while officials stay silent, raising questions on the health department’s accountability.
MP संवाद, कटनी। रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा एक बड़ा लापरवाही का मामला सामने आया है। कागजों में स्वास्थ्य कर्मचारी तैनात दिखाए गए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में यहां अस्पताल ही मौजूद नहीं है। मझगवां गांव में “आरोग्य केंद्र सीएचसी रीठी” का नाम तो स्कूल की इमारत पर लिखा है, लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं का नामोनिशान तक नहीं है।
ग्रामीण बोले– कभी नहीं देखा कोई कर्मचारी
गांव की महिलाओं, जो स्कूल में मध्यान्ह भोजन बनाती हैं, का कहना है कि उन्होंने आज तक यहां किसी स्वास्थ्य कर्मचारी को आते-जाते नहीं देखा। ग्रामीणों का आरोप है कि इस केंद्र के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति की जा रही है। यही नहीं, सरकार का दस्तक अभियान भी इस गांव तक नहीं पहुंचा।
एएनएम बोलीं– सेंटर रिजेक्ट, सेवाएं करहिया से
जब इस संबंध में स्थानीय एएनएम से बात की गई तो उन्होंने बताया कि “यहां का सेंटर रिजेक्ट हो चुका है और सेवाएं ग्राम करहिया से दी जा रही हैं।” सवाल यह उठता है कि जब रिकॉर्ड्स में यहां सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) तैनात है, तो फिर मझगवां के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से क्यों वंचित रखा जा रहा है?
सवालों के घेरे में स्वास्थ्य विभाग
गांव के लोग अब यह जानना चाहते हैं कि आखिर उनकी बुनियादी स्वास्थ्य सुविधा क्यों छीनी गई। अगर सेंटर रिजेक्ट हो चुका है, तो रिकॉर्ड्स में फर्जीवाड़ा क्यों जारी है? ग्रामीणों ने मांग की है कि उच्च अधिकारी तत्काल जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई करें।