शासन आदेश धरे रह गए: रीठी सीएचसी बना राजनीति का अड्डा.
Reethi officials facing allegations of corruption and administrative monopoly for two decades.
Government Orders Ignored: Reethi CHC Turns into a Political Hub.
Mohan Nayak, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.
The Reethi Community Health Center in Katni has become a battleground of politics, where government transfer orders are being ignored. Despite senior doctors being appointed, contract employees continue to hold charge. Villagers allege poor healthcare services and demand proper appointments to restore accountability and ensure better medical facilities.
MP संवाद, कटनी। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की बड़ी-बड़ी घोषणाओं के बीच कटनी जिले का रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लगातार सवालों के घेरे में है। यहां संविदा कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपकर न केवल शासन के आदेशों की अनदेखी की जा रही है, बल्कि अनुभवी और ईमानदार डॉक्टरों को भी दरकिनार किया जा रहा है।
संविदा कर्मचारी को सीएचसी का प्रभार
22 दिसंबर 2020 को तत्कालीन बीएमओ डॉ. सुनील पाराशर के स्थानांतरण के बाद, आश्चर्यजनक रूप से रीठी सीएचसी का प्रभार संविदा कर्मचारी बबीता सिंह को सौंप दिया गया। जबकि उसी समय शासन की 2021-22 की ट्रांसफर पॉलिसी के तहत डॉ. बी.के. प्रसाद का स्थानांतरण रीठी सीएचसी के लिए हो चुका था।
शासन आदेश की अनदेखी, ईमानदार डॉक्टर का ट्रांसफर
डॉ. बी.के. प्रसाद, जो अपनी निष्ठा और ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं, उन्हें राजनीति और रसूखदारों के दबाव में रीठी से हटा दिया गया। 17 जून 2022 को उन्हें उमरियापान भेज दिया गया, जबकि शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि रीठी का प्रभार उन्हें ही मिलना चाहिए।
सवालों में घिरा रीठी स्वास्थ्य केंद्र
20 जून 2023 को रीठी सीएचसी की जिम्मेदारी डॉ. मेघेंद्र श्रीवास्तव को दी गई, जो अधिकांश समय मुख्यालय में अनुपस्थित रहते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन पूरी तरह अव्यवस्थित है। मरीजों को मूलभूत स्वास्थ्य सेवाएं तक नहीं मिल रही हैं।
ग्रामीणों की मांग: शासन आदेश लागू हो
ग्रामीणों ने मांग उठाई है कि शासन के निर्देशों के अनुसार रीठी सीएचसी का प्रभार मूल पदस्थ चिकित्सा अधिकारी को दिया जाए। इससे अव्यवस्था खत्म होगी और स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
अधिकारियों का बयान
मुख्य जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश सिंह ठाकुर का कहना है कि डॉ. बी.के. प्रसाद का ट्रांसफर रीठी के लिए हुआ था, लेकिन बाद में डॉक्टर पूर्ति हेतु उन्हें उमरियापान भेजा गया।
