अस्पताल या धोखाधड़ी का अड्डा? मरीज ने खुद को कोमा में बताने की पोल खोली!
मध्य प्रदेश के रतलाम में निजी अस्पताल पर धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगे हैं। मरीज को कोमा में बताकर महंगी दवाइयाँ मंगवाई गईं। अब प्रशासन करेगा जांच!
रतलाम के गीता देवी अस्पताल में मरीज ने खुद को कोमा में बताने की पोल खोली।
Hospital or a Hub of Fraud? Patient Exposes the Lie of Being in a Coma!.
रतलाम के गीता देवी अस्पताल पर गंभीर आरोप! मरीज को झूठे कोमा में बताकर महंगी दवाइयाँ मंगवाई गईं। खुद को बचाने के लिए मरीज कैथेडर और नली लगाकर सड़क पर आ गया और अस्पताल की पोल खोली। प्रशासन ने जांच के आदेश दिए, CCTV फुटेज से नया मोड़।
Special Correspondent, Bhopal, MP Samwad.
रतलाम, मध्य प्रदेश – रतलाम के एक निजी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगे हैं, जिसने मरीज और उसके परिजनों को झकझोर कर रख दिया। एक मरीज ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन ने उसे झूठा कोमा में बताया, उसके हाथ-पैर बांध दिए, और महंगी दवाइयाँ मंगवाता रहा।
परिजनों ने लगाए ये आरोप
मरीज के परिजनों का कहना है कि अस्पताल ने बंटी निनामा को जबरन कोमा में दिखाया और महंगी दवाइयाँ मंगवाईं, जबकि वह पूरी तरह होश में था। इतना ही नहीं, अस्पताल में उसके हाथ-पैर बांधकर रखा गया और अमानवीय व्यवहार किया गया।
अस्पताल प्रशासन ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद, औद्योगिक थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को शांत कराया। उधर, अस्पताल प्रशासन ने सीसीटीवी फुटेज जारी किए, जिसमें बंटी निनामा आईसीयू में हंगामा करता और डॉक्टरों को गालियाँ देता दिख रहा है। अस्पताल का दावा है कि मरीज आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ पहले से पुलिस थाने में मामले दर्ज हैं।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए, कलेक्टर राजेश बाथम ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की। टीम के सदस्य आशीष चौरसिया ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और मरीज, परिजन सहित सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। रिपोर्ट आने के बाद ही उचित कार्रवाई की जाएगी।
क्या यह मामला निजी अस्पतालों की लूट का एक और उदाहरण है, या फिर अस्पताल प्रशासन की सही कार्रवाई? जांच रिपोर्ट आने तक यह मामला विवादों में बना रहेगा।