जहां एंबुलेंस नहीं पहुंची, वहां सरकार कैसे पहुंचेगी?
Where an ambulance couldn’t reach, how will the government?
Chandan Singh Lodhi, Special Correspondent, Damoh, MP Samwad.
In Damoh’s Chilghat village, a pregnant woman had to walk 500 meters to reach an ambulance due to lack of proper roads. The shocking incident exposes the ground reality of rural infrastructure and questions government claims of development and connectivity in remote Madhya Pradesh regions.
MP संवाद, दमोह: दमोह जिले के पटेरा तहसील के चीलघाट गांव में लचर व्यवस्था की मानवता को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है। गांव में सड़क नहीं होने के कारण एक गर्भवती महिला को 500 मीटर तक पैदल चलकर एंबुलेंस तक पहुंचना पड़ा, क्योंकि खराब रास्ते की वजह से एंबुलेंस गांव के अंदर नहीं जा सकी।
गर्भवती महिला की हालत गंभीर थी और समय पर इलाज के लिए उसे जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था। लेकिन गांव तक पक्की सड़क न होने और कीचड़ भरे गड्ढों की वजह से एंबुलेंस बीच रास्ते में ही फंस गई। परिजन महिला को चारपाई और सहारे से पुल तक ले गए, जहां से उसे वाहन में बैठाकर अस्पताल भेजा गया।
यह मामला न सिर्फ ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं की बदहाली को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सरकारी दावे और ज़मीनी सच्चाई के बीच कितनी गहरी खाई है।