खेल के दुश्मन बने बिजली विभाग के अफसर, ग्राउंड को गड्ढों में बदला.
Electricity Department Officials Turned Foes of Sports, Turned Playground into Pits.
Sharad Dhaneshwar, Special Correspondent, Balaghat, MP Samwad.
Local youth of Nevergaon built a playground with their own money and hard work, but electricity department officials ruined it by digging pits during transformer installation. When players demanded repair, the junior engineer allegedly threatened them with police action. Villagers are outraged and demand accountability.
MP संवाद, लालबर्रा (बालाघाट)। ग्राम नेवरगांव (ला.) में युवाओं ने खुद के पैसों से और परिश्रम कर पंचायत भूमि पर एक खेल मैदान तैयार किया था, जहाँ रोजाना क्रिकेट व अन्य खेलों की प्रैक्टिस होती थी। लेकिन हाल ही में बिजली विभाग के अधिकारियों ने इस मैदान को बुरी तरह नुकसान पहुंचा दिया।
बिजली विभाग ने क्रेन की मदद से ट्रांसफार्मर को पास के पावर हाउस तक ले जाने के लिए मैदान के भीतर से रास्ता बनाया, जिससे सीमेंट की बनी पिच टूट गई और पूरे मैदान में जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए। युवाओं की मेहनत पर जैसे पानी फिर गया।
जब शिकायत की तो जेई ने दी एफआईआर की धमकी!
ग्रामीण खिलाड़ियों ने जब जेई अमोली, विनीत टेकाम से संपर्क कर मैदान की मरम्मत की मांग की, तो उन्होंने उल्टा एफआईआर करवाने की धमकी दे दी। यह व्यवहार न केवल अमर्यादित था बल्कि खिलाड़ियों की भावना को ठेस पहुंचाने वाला भी था।
खिलाड़ियों और ग्रामीणों में आक्रोश, सरपंच ने जताया विरोध
नेवरगांव निवासी खिलाड़ी अरुण धुर्वे, जितेन्द्र मनघटे, संदीप सराड़े, करण पंचेश्वर, मनीष जामरे, शैलेन्द्र हरदे समेत अन्य ग्रामीणों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रांसफार्मर किसी और रास्ते से भी ले जाया जा सकता था।
ग्राम पंचायत नेवरगांव (ला.) के सरपंच संतोष पंचेश्वर ने कहा,
“जेई द्वारा ग्रामीण खिलाड़ियों को दी गई धमकी अव्यवहारिक, अमानवीय और निंदनीय है। इस मामले में पंचायत की बैठक बुलाई जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब लिया जाएगा।”
ग्राउंड की तत्काल मरम्मत की मांग
खिलाड़ियों और ग्रामीणों ने मांग की है कि बिजली विभाग तत्काल ग्राउंड की मरम्मत कराए, ताकि गांव के बच्चे रोजाना अभ्यास कर सकें और उनका मनोबल ना टूटे। उन्होंने यह भी कहा कि जिम्मेदार अधिकारी का ऐसा रवैया अस्वीकार्य है और इसकी कड़ी निंदा की जाती है।