सरकारी अस्पताल का हाल: बिजली गई तो पता चला – जनरेटर में डीजल ही नहीं!
नौगांव अस्पताल के अंधेरे में डॉक्टर बने ‘प्रकाशवाहक
Healthcare in Darkness: Doctors forced to use mobile lights as generators fail at Naugaon Hospital
Hospital’s Condition: Power Outage Revealed There Was No Diesel in the Generator!
Special Correspondent, Chhatarpur, MP Samwad.
नौगांव अस्पताल में अंधेरा गर्जन! 4 घंटे तक जनरेटर फेल, डॉक्टरों ने मोबाइल टॉर्च से किया इलाज – ये लापरवाही किसकी?
DARK HOURS AT NAUGAON HOSPITAL! 4-Hour Blackout Exposes Shocking Negligence – Doctors Treat Patients by Mobile Torchlight as Generators Fail. Who’s Accountable?.
MP संवाद, छतरपुर – नौगांव सिविल अस्पताल शनिवार को सरकारी लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बन गया, जब तेज आंधी के बाद 4 घंटे तक अस्पताल अंधेरे में डूबा रहा। दो जनरेटर होने के बावजूद बिजली बहाल नहीं हो पाई, जिसके चलते:
मरीजों की दर्दनाक स्थिति:
- डॉक्टरों ने मोबाइल टॉर्च की रोशनी में इलाज किया
- नर्सों ने अंधेरे में टॉर्च से इंजेक्शन लगाए
- इमरजेंसी वार्ड में मरीज भीषण गर्मी से तड़पते रहे
- महिलाएं आंचल से परिजनों को हवा करती नजर आईं
व्यवस्था की पोल खोलती सच्चाई:
- जनरेटर न चलने की वजह: डीजल खत्म होना (मिस्त्री के आने पर पता चला)
- मिस्त्री को बुलाने में 4 घंटे की देरी
- बिजली बहाली: शाम 7:15 बजे (दोपहर 3 बजे गुल हुई थी)
अधिकारियों का बचाव:
मेडिकल ऑफिसर डॉ. आदित्य प्रताप सिंह ने कहा – “तेज आंधी और तकनीकी समस्या के कारण जनरेटर नहीं चल पाया।”