गोदाम से सीधा गोरखधंधा: नैनपुर में बोरियों में बंधा भ्रष्टाचार!
From Warehouse to Racket: Corruption Tied Up in Sacks in Nainpur!
Satendra Tiwari, Special Correspondent, Mandla, MP Samwad.
Fertilizer black-marketing racket busted in Nainpur! Agriculture officials seized illegally transported urea and DAP sacks from a Bolero. Complaints led to a crackdown exposing administrative lapses. Farmers are demanding strict action against those exploiting their rights while risking food security and state schemes. Corruption wrapped in every sack!
MP संवाद, नैनपुर (मंडला): जिले के नैनपुर में कृषि विभाग ने खाद की कालाबाजारी का बड़ा मामला पकड़ा है। मार्कफेड गोदाम से यूरिया और डीएपी खाद की बोरियां बोलेरो वाहन के ज़रिए अवैध रूप से सिवनी जिले ले जाई जा रही थीं। पुलिस की सजगता, सतत निगरानी और किसानों के सहयोग से कृषि विभाग की टीम ने इस गाड़ी को पकड़ लिया।
जांच के दौरान 75 बोरी यूरिया और 5 बोरी डीएपी जब्त की गईं। वाहन क्रमांक MP-51 ZA 7988, जिसका मालिक राकेश साहू, निवासी जेवनारा (तहसील नैनपुर, जिला मंडला) है, को जब्त कर नैनपुर थाने लाया गया। जहां चालक से पूछताछ और दस्तावेजों की जांच की गई।
मौके पर SADO पंचशीला वरकड़े सहित कृषि विभाग और प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद थे। पंचनामा बनाकर कार्रवाई की जा रही है। थाना प्रभारी बलदेव सिंह मुजाल्दा ने बताया कि खाद से लदे वाहन की जांच जारी है और कृषि विभाग की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
नैनपुर SDM आशुतोष ठाकुर ने बताया कि खाद की कालाबाजारी की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसे रोकने के लिए कृषि और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम बनाई गई थी, जिसने सिवनी और बालाघाट की ओर जाने वाले मार्गों पर नजर रखी थी।
जानकारी के अनुसार, खाद वितरण का कार्य देख रहा नीरज मरकाम, हमालों के साथ मिलकर किसानों की खाद में गड़बड़ी कर रहा था। पूछताछ में उसने कबूला कि मेहनताना के रूप में हमालों को 4-5 बोरी खाद दी गई थी, वह भी बिना किसी दस्तावेज और अनुमति के। इस गोरखधंधे की जानकारी गोदाम प्रबंधक को भी नहीं थी।
चौंकाने वाली बात यह है कि एक ओर प्रशासन – एसडीएम, तहसीलदार, SADO, पटवारी और किसान संगठन – मिलकर किसानों को पर्याप्त खाद दिलाने दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, वहीं खाद वितरक शासन की आंखों में धूल झोंक रहा है।
भारत कृषक समाज संगठन ने मांग की है कि मामले की गहराई से जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। मंगलवार रात थाना प्रभारी की सख्ती के चलते वाहन चालक ने गुनाहों की परतें खोलनी शुरू कर दी हैं।
SDM आशुतोष ठाकुर ने स्पष्ट किया कि मार्कफेड कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है। किसानों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की भी जांच होगी। दोषियों पर सख्त कार्रवाई तय है।