स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल! नैनपुर में डायलिसिस मशीन की कमी से मरीज परेशान.
नैनपुर सिविल अस्पताल में डायलिसिस मशीन नहीं होने से किडनी मरीजों को इलाज के लिए मंडला जाना पड़ रहा है, जहां लंबी वेटिंग लिस्ट है।
नैनपुर में डायलिसिस मशीन की कमी के कारण मरीजों को मंडला में लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
Question on Healthcare System! Patients Suffer Due to Lack of Dialysis Machine in Nainpur.
Editor Desk, Bhopal, MP Samwad.
मंडला, नैनपुर। नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में किडनी संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में डायलिसिस मरीजों के लिए जीवनरक्षक उपचार साबित होता है, जो रक्त को शुद्ध करने में मदद करता है जब किडनी यह कार्य करने में असमर्थ होती है।
मरीजों को करना पड़ रहा संघर्ष
डायलिसिस की सुविधा के अभाव में मंडला जिले में मरीजों को लंबी वेटिंग और असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। मंडला में डायलिसिस कराने के लिए मरीजों को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता है, क्योंकि मशीनों की संख्या सीमित है और जरूरतमंद मरीजों की संख्या अधिक।
नैनपुर सिविल अस्पताल में डायलिसिस मशीन नहीं
नैनपुर सिविल अस्पताल में डायलिसिस मशीन उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्हें मजबूरन मंडला जाना पड़ता है, जहां मशीनों की संख्या कम होने से हफ्तों तक अप्वाइंटमेंट नहीं मिल पाता।
मरीजों की बढ़ती संख्या, सुविधाएं सीमित
एक मरीज को सप्ताह में दो बार चार-चार घंटे की डायलिसिस की आवश्यकता होती है, लेकिन मौजूदा स्थिति में सप्ताहभर में मात्र 10 मरीजों की ही डायलिसिस संभव हो पाती है। जिला अस्पताल में हर महीने औसतन 65 मरीज डायलिसिस के लिए आते हैं, लेकिन मशीन की कमी के कारण उन्हें वेटिंग लिस्ट में रखा जाता है।
स्वास्थ्य विभाग का जवाब टालमटोल भरा
जब इस गंभीर समस्या को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सरोते जी से सवाल किया गया, तो उन्होंने सटीक जवाब नहीं दिया और जानकारी के अभाव का हवाला दिया।
डायलिसिस मशीन जल्द मिलने की उम्मीद
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव चावला के अनुसार, डायलिसिस मशीन खरीदी जा रही है, और प्रक्रिया जारी है। 17 तारीख को टेंडर खोला जाएगा और मार्च के आखिरी सप्ताह तक यह सुविधा मरीजों को मिलने की उम्मीद है।