बालाघाट का वो बेटा जो मुंबई में छा गया — मुस्ताक खान को अंतिम सलाम!
The Son of Balaghat Who Conquered Mumbai — A Final Salute to Mushtaq Khan!

Special Correspondent, Anand Tamrakar, Balaghat, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार | बालाघाट/भोपाल.
बैहर की माटी से मुंबई तक — 4 दशक का अटूट सफर
मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर में जन्मे प्रसिद्ध फिल्मी कलाकार मुस्ताक खान का गुरुवार को सायं 7 बजे 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से फेफड़े के कैंसर से पीड़ित थे। उनके निधन की खबर से बालाघाट जिले में शोक की लहर छा गई है। मुस्ताक खान ने 250 से अधिक फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं और 4 दशकों से अधिक समय तक बॉलीवुड में सक्रिय रहे। फिल्मों के साथ-साथ उन्होंने टेलीविजन पर भी अपनी अमिट छाप छोड़ी।
“अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है” से “जाट” तक — यादगार किरदारों की फेहरिस्त
वर्ष 1980 में बनी चर्चित फिल्म “अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है” से उनका फिल्मी सफर शुरू हुआ। हाल ही में 2025 में प्रदर्शित फिल्म “जाट” में उन्होंने इंस्पेक्टर मुस्ताक खान का किरदार निभाया और “उदयपुर फाइल्स” में वीरेंद्र कुमार मीना की भूमिका में दिखे। उनके दोनों बेटे भी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हुए हैं। परिवार में पत्नी, दो बेटे और एक बेटी हैं।
बैहर से था दिल का रिश्ता — हर साल आते थे चाहने वालों से मिलने
मुस्ताक खान भले ही मुंबई में बस गए थे — लेकिन अपनी जन्मभूमि बैहर-बालाघाट से उनका गहरा नाता बना रहा। वे प्रतिवर्ष बैहर आकर अपने प्रशंसकों और परिजनों से मुलाकात करते थे। उनका यह जमीन से जुड़ा स्वभाव उन्हें आम लोगों का चहेता बनाता था। बालाघाट की माटी का यह सितारा आज हमारे बीच नहीं रहा — लेकिन उनके किरदार पर्दे पर हमेशा जिंदा रहेंगे।