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MPPSC परीक्षा में दिव्यांग कोटे का सच? प्रियंका कदम के डांस वीडियो ने मचाया हंगामा.

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प्रियंका कदम के वायरल डांस वीडियो से MPPSC दिव्यांग कोटे पर सवाल उठे। छात्र संगठन ने जांच की मांग की।

Priyanka Kadam dancing in a viral video amid MPPSC disabled quota controversy

The Truth of Disabled Quota in MPPSC Exam? Priyanka Kadam’s Dance Video Sparks Uproar!

मध्य प्रदेश में एक दिव्यांग अधिकारी का डांस करते और पार्क में दौड़ते हुए वीडियो वायरल हो रहा है। इस पर सवाल उठाते हुए एक छात्र संगठन ने शुक्रवार को पूरे मामले की जांच की मांग की है। गौरतलब है कि यह महिला हाल ही में दिव्यांग कोटे के तहत सरकारी सेवा में चयनित हुई हैं। हालांकि, उन्होंने अपनी नियुक्ति में किसी भी अनियमितता से इनकार किया और दावा किया कि उन्हें हड्डियों से जुड़ी समस्या के कारण 45 प्रतिशत दिव्यांगता है। बावजूद इसके, वह चलने और हल्का-फुल्का नाचने में सक्षम हैं।

छात्र संगठन ने उठाए सवाल

राष्ट्रीय शिक्षित युवा संघ के नेता राधे जाट ने अपने बयान में कहा कि प्रियंका कदम नामक महिला ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की राज्य सेवा परीक्षा 2022 में हिस्सा लिया था। उन्होंने “अस्थि-दिव्यांग” (हड्डियों से संबंधित विकलांगता) का प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर दिव्यांग कोटे का लाभ लिया।

आबकारी अधिकारी के पद पर चयन

पिछले महीने घोषित परीक्षा परिणामों में प्रियंका कदम को जिला आबकारी अधिकारी के पद के लिए चुना गया। हालांकि, सोशल मीडिया पर उनके डांस वीडियो वायरल होने के बाद उनके दिव्यांग होने के दावे पर सवाल उठने लगे।

छात्र संगठन ने मांग की है कि इस परीक्षा में दिव्यांग कोटे से चयनित सभी अभ्यर्थियों की भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टरों द्वारा जांच करवाई जाए ताकि प्रमाण पत्रों की सत्यता सुनिश्चित की जा सके। इस मामले में एमपीपीएससी अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन वे उपलब्ध नहीं थे।

प्रियंका कदम की सफाई

इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका कदम ने कहा कि उनके चयन में किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है। उन्होंने पीटीआई से कहा, “मैं एक साधारण पृष्ठभूमि से आती हूं और कड़ी मेहनत और संघर्ष के बाद यह मुकाम हासिल किया है।”

उन्होंने बताया कि 2017 में बाथरूम में गिरने के कारण उनके कूल्हे में गंभीर चोट आई थी। एमआरआई स्कैन में ‘एवैस्कुलर नेक्रोसिस’ का पता चला, जिसके चलते उनकी चार बार सर्जरी हुई।

एवैस्कुलर नेक्रोसिस एक ऐसी स्थिति है, जिसमें रक्त प्रवाह बाधित होने के कारण हड्डी के ऊतक नष्ट होने लगते हैं। कदम ने दावा किया कि उन्हें 45 प्रतिशत विकलांगता है। उन्होंने कहा, “पहली नजर में मैं सामान्य लग सकती हूं, लेकिन जटिल सर्जरी के दौरान लगाए गए इम्प्लांट की मदद से ही मैं चल पाती हूं। डॉक्टरों की सलाह के अनुसार मैं पांच से दस मिनट तक हल्का नाच सकती हूं, लेकिन कई बार मुझे दर्द निवारक दवाएं भी लेनी पड़ती हैं।”

वर्तमान पदस्थापना

प्रियंका कदम ने बताया कि वे वर्तमान में उज्जैन में कोष एवं लेखा विभाग में सहायक लेखा परीक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। हालांकि, जिला आबकारी अधिकारी के पद पर चयनित होने के बावजूद, सरकारी प्रक्रिया पूरी होने तक उन्हें इस पद पर नियुक्ति नहीं मिली है।

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