MP PWD घोटाला: पासवर्ड लीक कर उड़ा दिए करोड़ों!
MP PWD Scam Exposed! ₹7 crore embezzled through leaked passwords. Officials under scrutiny as police investigate the massive fraud.
MP PWD ₹7 Crore Scam: Officials leaked passwords, enabling massive fraud. Investigation underway as police crack down on corruption.
MP PWD Scam: Crores Embezzled by Leaking Passwords!
A massive ₹7 crore MP PWD salary scam has been exposed! Officials allegedly leaked login passwords, enabling fraudulent transactions from 2018 to 2023. The treasury department uncovered this shocking embezzlement, leading to police action against 15 accused, including senior engineers and accountants. Investigations continue!
MP शिवपुरी के पीडब्ल्यूडी विभाग में 7 करोड़ रुपये के वेतन घोटाले का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ट्रेजरी ऑफिसर और ट्रेजरी अकाउंटेंट ने इस मामले में 15 आरोपियों के खिलाफ शहर के थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने सरकारी राशि के गबन का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस घोटाले में शिवपुरी जिले के वर्तमान कार्यपालन यंत्री समेत चार पूर्व कार्यपालन यंत्रियों को आरोपी बनाया गया है।
कैसे हुआ 7 करोड़ का घोटाला?
यह घोटाला 2018 से 2023 के बीच अंजाम दिया गया। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने पासवर्ड लीक कर वेतन भुगतान से जुड़ी गड़बड़ियां कीं। इस मामले का खुलासा हाल ही में आयुक्त कोष और लेखा कोष, भोपाल ने किया।
किन अधिकारियों पर लगा आरोप?
जिन 15 लोगों को आरोपी बनाया गया है, उनमें प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
- वर्तमान पीडब्ल्यूडी मुख्य कार्यपालन यंत्री धर्मेंद्र यादव
- पूर्व कार्यपालन यंत्री:
- ओम हरि शर्मा
- जीबी मिश्रा
- बीएस गुर्जर
- हरिओम अग्रवाल (सभी सेवानिवृत्त)
इसके अलावा, इस मामले में संभागीय लेखा अधिकारी सहित 10 अन्य कर्मचारियों पर भी गाज गिरी है। पुलिस ने संभागीय लेखा अधिकारी HK मीना, संजय शर्मा, वैभव गुप्ता, दयाराम शिवहरे, प्रेमनारायण नामदेव, और आउटसोर्स कर्मचारी गौरव श्रीवास्तव, सौरभ श्रीवास्तव, शाहरुख खान और नसीम खान पर भी केस दर्ज किया है।
कैसे हुआ घोटाले का पर्दाफाश?
घोटाले की जांच डिप्टी कलेक्टर अनुपम शर्मा कर रहे थे। जब उन्होंने गहराई से पड़ताल की, तो मामला सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य कार्यपालन यंत्रियों ने अपने लॉगिन आईडी और पासवर्ड गैर-जिम्मेदार लोगों को दिए, जिससे सरकारी कोष से 7 करोड़ रुपये का गबन किया गया।
आरोपियों पर कार्रवाई जारी
इस घोटाले में शामिल धूलजी एवं सरिता देवी समाज सुधार समिति का नाम भी सामने आया है, जिसके खिलाफ पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई कर रहा है, और जल्द ही इसमें नए खुलासे हो सकते हैं।