अक्षय तृतीया पर प्रदेश में बंधे 2,400 से अधिक परिणय सूत्र, श्योपुर में विवाद की छाया.
MP’s Sheopur wedding row: Should interfaith officials conduct religious rituals? The debate dividing Madhya Pradesh! #MPWeddingControversy
विवाद के घेरे में श्योपुर का सामूहिक विवाह: मुस्लिम शिक्षकों ने निभाई पुरोहित की भूमिका
Over 2,400 Couples Tied the Knot Across the State on Akshaya Tritiya, Shadow of Controversy in Sheopur.
Special Correspondent, Bhopal, MP Samwad.
MP संवाद, भोपाल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर प्रदेश के 6 जिलों में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलनों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से शामिल होकर नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया। सीएम ने कहा कि “विवाह संस्कार सनातन संस्कृति का सबसे पवित्र बंधन है, जो सात जन्मों तक की प्रतिज्ञा है।”
- कहाँ हुआ आयोजन?
- छिंदवाड़ा: 929 जोड़े
- पन्ना: 915 जोड़े
- शिवपुरी (आनंदधाम): 80 जोड़े
- इंदौर: 121 जोड़े
- धार (पंधानिया): 80 जोड़े
- हरदा (नया गाँव): 80 जोड़े
विवाद क्या है?
श्योपुर में कन्यादान योजना के तहत हुए सामूहिक विवाह में बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब 10 मुस्लिम शिक्षकों को विवाह वेदी पर पुरोहित की भूमिका में तैनात किया गया।
क्या हुआ?
- 231 जोड़ों का विवाह पंजीयन हुआ, लेकिन जब कुछ दंपतियों को पता चला कि मुस्लिम शिक्षक मंत्रोच्चारण करवा रहे हैं, तो वे बिना फेरे लिए वापस चले गए।
- इन जोड़ों ने बाद में अन्य सम्मेलनों में सनातन रीति से विवाह किया।
प्रशासन की सफाई:
- “त्रुटिवश आदेश में ‘वेदी पुरोहित’ लिख दिया गया था।”
- “गायत्री परिवार के सदस्यों ने ही मंत्रोच्चारण किया, शिक्षक सिर्फ व्यवस्था में थे।”