टॉर्च की रोशनी में इलाज! ये कैसा आयुष्मान भारत?
Flashlight treatment scene from Maihar hospital post NH-30 accident.
Government hospital in Maihar treating NH-30 accident victims under mobile flashlight—raising serious healthcare concerns.
Treatment in torchlight! Is this your ‘Ayushman Bharat’?
Special Correspondent,Maiher, MP Samwad.
एक परिवार सड़क हादसे से तो बच गया, लेकिन सरकारी अस्पताल में टॉर्च की रोशनी में इलाज ने व्यवस्था की पोल खोल दी। ये घटना न सिर्फ सड़क सुरक्षा बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
A family narrowly survived a highway crash in Maihar, only to face a darker reality—treatment under mobile flashlights at a government hospital. The shocking lapse in emergency care raises serious questions about road safety and healthcare infrastructure in Madhya Pradesh.
MP संवाद, मैहर – अमरपाटन से लौटते वक्त एनएच-30 पर उनकी कार मवेशी को बचाने की कोशिश में पलट गई। लेकिन हादसे से भी ज़्यादा दर्दनाक था वह मंजर, जो अस्पताल पहुंचने के बाद सामने आया—जहाँ डॉक्टरों ने मोबाइल की टॉर्च जलाकर घायलों का इलाज किया!
? सड़क सुरक्षा पर सवाल:
“मवेशियों की अनियंत्रित आवाजाही और तेज रफ्तार वाहनों के चलते यह इलाका हादसों का गढ़ बनता जा रहा है।”
? नीति पर सवाल:
“आपातकालीन सेवाओं की यह स्थिति ‘आयुष्मान भारत’ जैसी स्वास्थ्य योजनाओं के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।”
“जब सिस्टम फेल होता है, तो आम लोग ही होते हैं जो मोबाइल टॉर्च से ‘लाइट’ जलाते हैं!”
? आपकी आवाज़ जरूरी है!
क्या सरकारी अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं की कमी जानलेवा होती जा रही है?
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