धान उपार्जन घोटाला: किसानों के नाम पर फर्जीवाड़ा, सरकार को करोड़ों का चूना!
The rice procurement scam in Madhya Pradesh has led to EOW raids across 12 districts, uncovering a ₹5 crore fraud through fake billing and misappropriation.
EOW raids reveal a major ₹5 crore scam in Madhya Pradesh’s rice procurement system.
Rice Procurement Scam: Fraud in the Name of Farmers, Government Cheated of Crores!
The Madhya Pradesh rice procurement scam has exposed massive fraud across 12 districts. The EOW raids uncovered fake farmer registrations, fraudulent billing, and misappropriation of ₹5 crore. Rice mill owners, transporters, and procurement committees are under investigation. The government faces pressure for strict action against corruption in public procurement.
नरसिंहपुर। मध्यप्रदेश में धान उपार्जन में बड़ा घोटाला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की 25 टीमों ने 12 जिलों में 150 उपार्जन समितियों और 140 वेयरहाउस पर छापेमारी की। जांच में अब तक 19,910.53 क्विंटल धान की हेराफेरी पकड़ी गई है, जिससे सरकार को लगभग 5 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?
यह घोटाला सुनियोजित तरीके से किया गया। किसानों के नाम पर फर्जी रजिस्ट्रेशन कर, बिना धान खरीदे ही ई-उपार्जन पोर्टल पर धान की गलत प्रविष्टि कर दी गई। इसके आधार पर बिल तैयार कर सरकार से भुगतान लिया गया।
मुख्य आरोपी:
- राइस मिल संचालक
- ट्रांसपोर्ट कंपनियां
- वेयरहाउस प्रबंधन
इन सभी की भूमिका जांच के दायरे में है।
घोटाले का तरीका
- फर्जी किसान पंजीकरण: बिचौलियों ने किसानों के नाम पर फर्जी रजिस्ट्रेशन किया।
- बिना धान खरीदी बिल जनरेशन: किसानों से धान खरीदे बिना बिल तैयार कर लिया गया।
- फर्जी परिवहन रिकॉर्ड: धान उठाव के फर्जी आर.ओ. (रिलीज ऑर्डर) जारी किए गए।
- सरकारी भुगतान में हेराफेरी: बिना धान खरीदे तुलाई, लोडिंग और हिम्माली शुल्क का भुगतान लिया गया।
- मिलों व ट्रांसपोर्टरों की संलिप्तता: बिना धान उठाए ही परिवहन शुल्क का भुगतान कराया गया।
किन जिलों में हुआ घोटाला?
नरसिंहपुर जिले के अलावा, गाडरवारा, साईंखेड़ा, सालीचौका, भामा, तेंदूखेड़ा के राइस मिल संचालक जांच के घेरे में हैं।
EOW की कार्रवाई जारी
EOW अब इन समितियों, ट्रांसपोर्टर्स, वेयरहाउस और मिल संचालकों पर सख्त कार्रवाई कर रही है।
➡ क्या सरकार इस घोटाले के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करेगी? इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।