अविश्वास का रास्ता बंद, भ्रष्टाचार की मार जारी, 20 जिलों में बगावत तेज़.
No Way for No-Confidence, Corruption Strikes On, Rebellion Intensifies in 20 Districts.
Special Correspondent, Bhopal, MP Samwad.
In Madhya Pradesh, corruption allegations against municipal chairpersons in 20 districts, including Shivpuri, Guna, and Vidisha, are escalating. Despite protests, resignations, and investigations, most accused remain in office. The BJP and state government face mounting pressure to take strict action and restore public trust.
MP संवाद, भोपाल। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने साफ कहा है कि भ्रष्टाचार पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बावजूद इसके, मध्य प्रदेश के कई जिलों में नगर पालिका अध्यक्षों के खिलाफ लगातार भ्रष्टाचार के मामले सामने आने के बाद भी उन्हें पद से हटाया नहीं जा पा रहा है।
20 जिले, 20 विवादित अध्यक्ष
शिवपुरी, गुना, विदिशा सहित मध्य प्रदेश के 20 जिले ऐसे हैं जहां नगर पालिका अध्यक्षों के खिलाफ भ्रष्टाचार और अविश्वास की मांग लगातार बढ़ रही है। इसके बावजूद इनमें से एक भी अध्यक्ष अभी तक हटाया नहीं गया है।
शिवपुरी मामला: विरोधी पार्षदों ने उठाया आवाज़
शिवपुरी नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा के खिलाफ 19 पार्षदों ने एक साथ इस्तीफा दिया, लेकिन इसे नामंजूर कर मामले को ठंडा करने की कोशिश की गई। कांग्रेस, बीजेपी और निर्दलीय पार्षद लगातार भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर कर रहे हैं।
सागर और गुना में भी बगावती सुर
सागर जिले की देवरी नगर परिषद अध्यक्ष नेहा जैन को अयोग्य ठहराने की मांग उठी। गुना के मधुसूदनगढ़ में भी बगावती सुर तेज़ हो गए हैं और जांच शुरू होने की संभावना है।
भाजपा और सरकार पर बढ़ता दबाव
इन सभी जिलों में लगातार विरोध और भ्रष्टाचार के आरोपों से सरकार और भाजपा संगठन दोनों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। समय सीमा बढ़ाकर और अविश्वास प्रस्ताव लाने की प्रक्रिया को बदलकर भी स्थिति नहीं सुधरी।
संकेत: अब सख्त कदम संभव
सरकार और संगठन अब संकेत दे रहे हैं कि भ्रष्टाचार में लिप्त अध्यक्षों को अयोग्य ठहराकर पद से हटाया जा सकता है। हेमंत खंडेलवाल ने कहा:
“भ्रष्टाचार में लिप्त अध्यक्षों को हटाना सही है। हमारी सरकार भ्रष्टों को सहन नहीं करेगी। अधिकांश जगह भाजपा के अध्यक्ष हैं, इसलिए विवाद हमारे ही होंगे।