MP SAMVAAD LOGO 2

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश, देश के अग्रणी राज्यों में है : मंत्री कुशवाह

0

भोपाल

उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश, देश के अग्रणी राज्यों में है। प्रदेश की इस उपलब्धि के दृष्टिगत केन्द्र सरकार द्वारा मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना की अवधि एक वर्ष बढ़ाई गई है। मंत्री कुशवाह ने केन्द्र सरकार के इस निर्णय पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय खाद्य प्र-संस्करण मंत्री चिराग पासवान के प्रति आभार व्यक्त किया है।

प्रमुख सचिव उद्यानिकी अनुपम राजन ने बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए केन्द्रीय खाद्य प्र-संस्करण मंत्रालय द्वारा मध्यप्रदेश में योजना के क्रियान्वयन अवधि को 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दिया है। इस योजना के तहत मध्यप्रदेश में 420 औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिये बैंकों द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है, जो एक रिकार्ड है।

प्रमुख सचिव राजन ने बताया कि मध्यप्रदेश में पीएमएफएमई योजना वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक 5 वर्षों के लिए लागू की गई थी। पीएमएफएमई योजना के माध्यम से खाद्य प्र-संस्करण उद्योग इकाइयों की स्थापना के लिए निजी और समूह को 35 प्रतिशत या अधिकतम 10 लाख रूपये का अनुदान दिया जाता है। इससे प्रेरित होकर प्रदेश में कृषि/उद्यानिकी के क्षेत्र में युवा स्वयं की औद्योगिक यूनिट स्थापना के लिए प्रेरित हुए है। राजन ने बताया कि प्रदेश में खाद्य प्र-संस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी के माध्यम से प्रस्तावों का परीक्षण किया जाता है, इसके उपरांत ही केन्द्रीय इंटरमिनिस्ट्रियल इम्पावर कमेटी को प्रस्ताव भेजे जाते है। योजना में प्राप्त 917 प्रकरणों में से 420 प्रकरणों की स्वीकृति प्राप्त कर मध्यप्रदेश, देश में अग्रणी राज्य बना है।

उल्लेखनीय है कि अपर सचिव, केन्द्रीय खाद्य प्र-संस्करण मिनहाज आलम ने पत्र लिखकर प्रमुख सचिव उद्यानिकी अनुपम राजन और उनकी टीम के कार्य की सराहना की है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

In respect of all matters arising under and in relation to this Company or the Arrangement and waives, the exclusive jurisdiction of the courts of the Bhopal and the laws of Madhya Pradesh and India, to the fullest extent possible, shall be applicable. | CoverNews by AF themes.