विकास की जगह दिखा कर्ज – MP में योजनाएं ठप.
Debt Shows Instead of Development – Schemes Stall in MP.
Despite record loans of over ₹4.35 lakh crore, Madhya Pradesh witnesses stalled development. Roads, schools, and healthcare suffer, while schemes like Ladli Bahna continue under debt burden. Citizens question the government’s priorities and demand accountability for rising fiscal deficit and unutilized funds.
Harishankar Parashar, Senior Correspondent, BHOPAL, MP Samwad.
MP संवाद, भोपाल, पिछले 5 वर्षों में विकास के नाम पर मध्य प्रदेश पर कर्ज का पहाड़ खड़ा कर दिया गया है। मार्च 2025 तक कर्ज 4.21 लाख करोड़ और जुलाई तक 4.35 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। हर नागरिक पर औसतन 50,000 रुपये का बोझ लद चुका है।
सड़कें टूटी, स्कूल खंडहर, अस्पताल बेहाल
कर्ज लेने के बावजूद जमीनी हकीकत नहीं बदली। गांवों की सड़कें अब भी कच्ची हैं, सरकारी स्कूलों की छतें टपकती हैं और अस्पतालों में दवाइयां-डॉक्टर नदारद हैं। सवाल उठता है कि जनता का पैसा आखिर कहां गया?
योजनाएं ठंडे बस्ते में, विलासिता पर खर्च
सरकार ने 370 से ज्यादा योजनाओं का ढोल पीटा, लेकिन 125 योजनाओं पर फंड रोक दिया गया। वहीं मंत्रियों के लिए जेट विमान, इनोवा गाड़ियां और आलीशान दफ्तरों पर करोड़ों उड़ाए गए।
लाड़ली बहना योजना – वोट बैंक का हथियार?
1.27 करोड़ महिलाओं को हर महीने मिलने वाली राशि पर हजारों करोड़ खर्च हो रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह योजना कर्ज का बोझ और बढ़ा रही है। क्या यह वास्तव में महिलाओं का सशक्तिकरण है या वोट खरीदने का नया तरीका?
विपक्ष का सवाल – “जनता का भविष्य गिरवी क्यों?”
कांग्रेस ने सरकार की कर्ज नीति को जनविरोधी करार देते हुए श्वेत पत्र की मांग की है। विपक्ष का आरोप है कि यह कर्ज नेताओं के वर्तमान को चमकाने के लिए है, जनता के भविष्य को बर्बाद करने के लिए।