पुलिस-अपराधी गठजोड़ का नया केस? लालबर्रा थाने पर ‘मामला दबाने’ के गंभीर आरोप!
Exclusive: Lalbarra Police accused of suppressing an attempted murder case, filing weaker charges. Victim claims, ‘We’ve bought the police!’ SP probe demanded.
Victim Rakesh Nagpure shows injuries from axe attack; alleges police collusion with criminals.
Police-Criminal Nexus Exposed? Serious Allegations of ‘Case Suppression’ at Lalbarra Police Station!
Sharad Dhaneshwar, Special Correspondent, Balaghat, MP Samwad.
Shocking police-criminal nexus exposed! Lalbarra Police accused of suppressing an attempted murder case, filing weaker charges. Victim Rakesh Nagpure alleges threats: ‘We’ve bought the police!’ SP demanded for impartial probe. Will justice prevail?
MP संवाद, बालाघाट, लालबर्रा, खोंगाटोला (मोहगांव) निवासी राकेश नगपुरे ने 23 मई, शुक्रवार को बालाघाट एसपी से मिलकर गंभीर आरोप लगाए हैं कि थाना लालबर्रा पुलिस ने उन पर हुए धारदार हथियार से जानलेवा हमले के मामले को दबाने और आरोपियों को बचाने के लिए हल्की धाराएं लगाई हैं। राकेश ने कहा कि 20 मई को थाना लालबर्रा पुलिस ने न केवल मामले को हल्के में लिया, बल्कि उनकी जान जोखिम में डालते हुए गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद रिपोर्ट दर्ज करने में अनावश्यक देरी की।
राकेश नगपुरे के अनुसार, घटना तब हुई जब वे गांव में रास्ते पर खूटे गाड़ने को लेकर अतिक्रमणकारियों को समझा रहे थे। इस बात पर वे आगबबूला हो गए और गालियां देने लगे। बाद में उन्होंने राकेश नगपुरे और उनके भाई श्याम नगपुरे पर कुल्हाड़ी और डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में राकेश की हथेली कट गई और गर्दन पर गंभीर चोट आई, जबकि श्याम के हाथ में भी गहरी चोट लगी। हल्ला सुनकर जब राकेश के माता-पिता मौके पर पहुंचे, तो अतिक्रमणकारियों ने उनके साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जब राकेश नगपुरे थाने अपनी रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें घंटों बैठाए रखा, टालमटोल की और अंततः सिर्फ मामूली धाराएं—296, 115(2), 351(2), 3(5) बीएनएस—लगाईं, जबकि मामला सीधे तौर पर जानलेवा हमले का था। राकेश ने आरोप लगाया कि अतिक्रमणकारियों का जीजा राजेश पाठक, जो बांदा कंपनी में वाहन चालक है, लगातार पुलिस पर दबाव बना रहा था। इसी के चलते पुलिस ने हल्की धाराएं लगाकर मामले को दबाने की कोशिश की।
राकेश का आरोप है कि आरोपी खुलेआम धमकी दे रहे हैं: “हमने थाना लालबर्रा को पैसों से खरीद लिया है, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। हमारी पहुंच भोपाल तक है, कोई भी अधिकारी हमारे खिलाफ एफआईआर नहीं कर सकता।” ऐसे में पीड़ित परिवार खुद को पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रहा है।
राकेश नगपुरे ने एसपी से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और दबंगों के हौसले पस्त हों।
गांव के लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो आरोपी और भी उग्र होकर गांव का माहौल बिगाड़ सकते हैं। यह मामला सिर्फ एक हमले का नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही और पुलिस की पक्षपातपूर्ण कार्यप्रणाली का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया है। अब देखना यह होगा कि बालाघाट एसपी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं।