कटनी में निजी अस्पताल की लापरवाही – मौत के बाद 52 लाख का मुआवजा.
Negligence of Private Hospital in Katni – ₹52 Lakh Compensation Ordered After Death
Mohan Nayak, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.
Landmark judgment in Katni holds a private hospital accountable for negligence after a patient’s death. The Consumer Forum ordered ₹52 lakh compensation to the victim’s family, including interest. This case sets a strong precedent, exposing hospital mismanagement and reinforcing patient rights in Madhya Pradesh healthcare.
MP संवाद, कटनी जिले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने एक निजी अस्पताल को गंभीर लापरवाही का दोषी मानते हुए पीड़ित परिवार को 52 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह जिला स्तर पर किसी निजी अस्पताल के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा मुआवजा आदेश है।
इलाज के दौरान युवक की दर्दनाक मौत
पीड़ित युवक मनोज परौहा जुलाई 2022 में इलाज के लिए वर्धमान अस्पताल में भर्ती हुआ था। लगभग 8-9 दिन इलाज चलने के बाद अचानक अस्पताल की दूसरी मंजिल से गिरकर उसकी मौत हो गई। मृतक के पिता ने अस्पताल से सीसीटीवी फुटेज और जानकारी मांगी, लेकिन प्रबंधन ने कोई जवाब नहीं दिया।
न्यायालय ने माना लापरवाही साबित
पीड़ित परिवार ने अस्पताल प्रबंधन और संचालक डॉ. ऋषि जैन के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज की। सुनवाई के बाद आयोग ने अस्पताल प्रबंधन को दोषी पाया और 44 लाख रुपये क्षतिपूर्ति + 9% वार्षिक ब्याज, यानी लगभग 52 लाख रुपए का भुगतान पीड़ित परिवार को करने का आदेश दिया।
गैर-इरादतन हत्या का मामला भी दर्ज
न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टर को गंभीर लापरवाही का जिम्मेदार ठहराते हुए गैर-इरादतन हत्या (धारा 304 ए) का मामला भी दर्ज किया है। यह आदेश प्रदेशभर में निजी अस्पतालों की मनमानी और लापरवाह सेवाओं पर कड़ा संदेश माना जा रहा है।
नजीर बना कटनी का केस
न्यायाधीश श्याचरण उपाध्याय द्वारा सुनाए गए इस फैसले को उपभोक्ता अधिकारों के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है। कटनी जिले में यह अब तक का सबसे बड़ा मुआवजा है, जिसने निजी अस्पतालों की जिम्मेदारी और पारदर्शिता को कटघरे में खड़ा कर दिया है।