डिजिटल बदलाव की ओर कटनी: 54 विभागों में शुरू हुआ ई-ऑफिस सिस्टम.
Mohan Nayak, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.
Katni administration takes a digital leap with the implementation of the e-Office system in 54 departments. This move ensures faster file movement, improved transparency, and efficient governance. Collector Dilip Kumar Yadav leads the change to make administrative functioning paperless, streamlined, and fully accountable.
MP संवाद, कटनी। प्रशासनिक कार्यों को अधिक तेज़, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री दिलीप कुमार यादव के निर्देश पर कटनी जिले में ई-ऑफिस प्रणाली को तेजी से लागू किया जा रहा है। इस प्रणाली को अपनाने और क्रियान्वयन में कटनी जिला प्रदेश के 10 अग्रणी जिलों में शामिल हो गया है।
? सतत् समीक्षा और दिशा-निर्देश
कलेक्टर श्री यादव समय-सीमा की बैठकों में ई-ऑफिस प्रणाली की नियमित समीक्षा करते हैं। वे कहते हैं कि इसका मुख्य उद्देश्य विभागीय प्रशासन को आधुनिक बनाना है, जिससे दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि हो सके। साथ ही ई-ऑफिस के माध्यम से प्रौद्योगिकी का उपयोग कर प्रशासनिक कार्यों को और अधिक सुव्यवस्थित किया जा रहा है।
? 54 विभागों में क्रियान्वयन
कटनी जिले के 54 विभागों और कलेक्ट्रेट की शाखाओं में ई-ऑफिस प्रणाली लागू की जा चुकी है। अब तक कुल 5,322 ई-फाइलें ऑनलाइन चलाई गई हैं, जबकि 1,819 नई ई-फाइलें तैयार की जा चुकी हैं। इसके अतिरिक्त 2,866 ई-रिसीप्ट जारी और 6,613 रिसीव की जा चुकी हैं।
? प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहयोग
इस प्रणाली के सफल संचालन हेतु जिला सूचना विज्ञान अधिकारी श्री प्रफुल्ल श्रीवास्तव द्वारा तीन चरणों में प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। साथ ही किसी भी तकनीकी समस्या के समाधान हेतु वे निरंतर विभागों को परामर्श भी दे रहे हैं। ई-ऑफिस का उद्देश्य स्पष्ट है—अब कागजी नोटशीट्स की जगह फाइलें चरणबद्ध रूप से ऑनलाइन मूव होंगी, जिससे पूरी प्रक्रिया पेपरलेस और ट्रैक योग्य बन जाएगी।
? सुशासन की दिशा में अहम कदम
कटनी जिले में ई-ऑफिस प्रणाली की शुरुआत सुशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। इसके माध्यम से पारदर्शिता, त्वरित निर्णय, और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित होगा।
? क्या है ई-ऑफिस प्रणाली?
ई-ऑफिस एक डिजिटल प्रशासनिक प्रणाली है, जिसके तहत अधिकारी और कर्मचारी कंप्यूटर के माध्यम से फाइलों का निपटारा करते हैं। इससे यह आसानी से पता चलता है कि कौन-सी फाइल किसके पास लंबित है। साथ ही पुरानी नस्तियों को भी सर्च किया जा सकता है। इससे सरकारी कामकाज तेज़ी से होगा और उच्चस्तर पर मॉनिटरिंग भी सुगम हो जाएगी।