जिंदगी बांस के सहारे, विकास फाइलों के भरोसे: कटनी की दयनीय तस्वीर!
Life dependent on bamboo, development relying on files: The pitiable picture of Katni!
Mohan Nayak, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.
KATNI STRUGGLES: Lives depend on bamboo, while development remains trapped in files. A shocking revelation of neglect and bureaucratic delays in Madhya Pradesh’s Katni district. Will the government act?
MP संवाद, कटनी – नगरपालिका क्षेत्र की नई बसाहट वाली कॉलोनियों में आज भी लोग बांस-बल्ली के खंभों पर बिजली कनेक्शन लटकाकर जीने को मजबूर हैं। यह स्थिति किसी भी समय बड़ी दुर्घटना को न्यौता दे सकती है। पिछले कई सालों से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन प्रशासन और जनप्रतिनिधि आँखें मूंदे बैठे हैं।
रचना नगर, शिवाजी नगर, कुशवाहा पन्नी कॉलोनी, सूफी संत नगर, नई बस्ती, आधारकाप, NKJ नया गांव और झिंझरी क्षेत्र की दर्जनों कॉलोनियों में आज भी विद्युत पोल नहीं लगे हैं। निवासियों का सवाल है: “क्या ‘अवैध’ कॉलोनी कहकर हमें बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा जा सकता है? अगर सुविधाएँ नहीं दिला सकते, तो वोट लेने भी न आएं!”
खतरनाक हालात:
- बांस के खंभों पर टंगे तारों से जानलेवा करंट का खतरा।
- आँधी-तूफान में पूरे इलाके में अंधेरा और तारों का टूटना आम।
- विद्युत विभाग नियमों की धज्जियाँ उड़ाकर अस्थाई कनेक्शन दे रहा है।
जनप्रतिनिधियों की खामोशी:
स्थानीय निवासी रामकृपाल यादव, प्रेम शंकर सोनी, सुनीता सोनी और उमा चौबे बताते हैं: “हमने विधायक, महापौर, कलेक्टर और विद्युत मंडल को कई बार अवगत कराया, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिले। कुछ कॉलोनियों में पोल स्वीकृत भी हो चुके हैं, लेकिन जेई सुमंत कुमार की लेटलतीफी के कारण काम अटका हुआ है।”
नागरिकों का आक्रोश:
“हम भगवान भरोसे जी रहे हैं। यहाँ के तार मौत का जाल बने हुए हैं, लेकिन किसी को फ़िक्र नहीं!”