20 साल पुराने कलेक्टर भवन की हकीकत: दीवारें बोल रही हैं लापरवाही की कहानी.
The Reality of a 20-Year-Old Collectorate Building: Walls Speaking the Story of Negligence.
Mohan Nayak, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.
The 20-year-old Katni Collectorate building exposes administrative negligence as seepage, water leakage, and falling plaster threaten safety. Despite housing key departments like Tribal Welfare, Education, and Women & Child Development, no serious maintenance has been done. Urgent action is needed before negligence turns into a disaster.
MP संवाद, कटनी। कलेक्टर कार्यालय बने हुए दो दशक से अधिक हो चुके हैं, लेकिन रखरखाव के अभाव में इसकी स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। कई हिस्सों में सीपेज और रिसाव की वजह से बीम से लगातार पानी टपक रहा है।
बरसात में गिरी छत का प्लास्टर
शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे बरसात के दौरान बीम से पानी टपका और प्लास्टर नीचे गिर पड़ा। यह घटना किसी बड़े हादसे का संकेत है। दफ्तर में रोजाना अधिकारियों और कर्मचारियों की आवाजाही रहती है, लेकिन फिर भी इस गंभीर समस्या पर किसी का ध्यान नहीं है।
अधिकारियों की सुरक्षा पर सवाल
जिस हिस्से में प्लास्टर गिरा है, वहाँ आदिम जाति कल्याण विभाग, जिला शिक्षा केंद्र, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित कई कार्यालय स्थित हैं। लगातार आवाजाही वाले क्षेत्र में गिरता प्लास्टर अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाल रहा है।
शौचालय की हालत भी दयनीय
सिर्फ दफ्तर ही नहीं, बल्कि शौचालय की दीवारों से भी प्लास्टर उखड़ चुका है। साफ है कि भवन की स्थिति लापरवाही और मरम्मत की अनदेखी का परिणाम है।
जिम्मेदारों की खामोशी खतरनाक
स्थानीय प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारी अब भी चुप्पी साधे हुए हैं। सवाल उठता है कि क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे?