जनसुनवाई का बदला मिजाज: कुर्सी से उठकर जनता के बीच पहुंचे कटनी कलेक्टर.
Changed Mood of Public Hearing: Katni Collector Stepped Down from Chair to Reach Among People.
Mohan Nayak, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.
In a heart-touching gesture during public hearing in Katni, Collector Ashish Tiwari left his chair to personally listen to an elderly differently-abled man’s grievance over land records. Showing rare sensitivity, he immediately directed the SDM for speedy resolution, setting an example of responsive governance.
MP संवाद, कटनी कलेक्ट्रेट की मंगलवार की जनसुनवाई में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने सबका दिल छू लिया। नवपदस्थ कलेक्टर आशीष तिवारी खुद अपनी कुर्सी से उठकर एक वृद्ध दिव्यांग फरियादी के पास पहुंचे और उसकी व्यथा सुनी।
फरियादी की पीड़ा
ढीमरखेड़ा के मुरवारी गांव निवासी परदेशी बर्मन ने बताया कि जिस आबादी भूमि पर उनका घर है, वह 2022 के बाद किसी और व्यक्ति के नाम दर्ज हो गई है। इस वजह से वे गंभीर परेशानी झेल रहे हैं।
तुरंत कार्रवाई का आश्वासन
कलेक्टर तिवारी ने न केवल उनका आवेदन लिया बल्कि एसडीएम ढीमरखेड़ा को तत्काल जांच कर समस्या का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए।
संवेदनशीलता या सिस्टम की लाचारी?
जहाँ एक ओर कलेक्टर का यह मानवीय चेहरा सराहनीय है, वहीं दूसरी ओर सवाल यह भी उठता है कि आखिर क्यों दिव्यांग वृद्ध को बार-बार कलेक्ट्रेट की चौखट पर आना पड़ा? क्या यही है हमारा सिस्टम, जो गरीबों को सालों तक भटकाता है?