MP SAMVAAD LOGO 2

100 फीट काम’ के बाद बंद हुआ निर्माण! कन्हवारा की सड़क पर उठे सवाल.

0

Construction Halted After Just 100 Feet of Work! Questions Raised Over Kanhwara Road Project.

Special Correspondent, Katni, MP Samwad News

MP संवाद समाचार, कटनी/भोपाल। कटनी। जनपद पंचायत कटनी अंतर्गत ग्राम पंचायत कन्हवारा के वार्ड क्रमांक-6 (छैघरा) में सीसी सड़क निर्माण कार्य की धीमी गति और कथित अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब एक वर्ष पहले शुरू हुआ सड़क निर्माण आज भी अधूरा पड़ा है, जिसके चलते बारिश के मौसम में वार्डवासियों को कीचड़, जलभराव और खराब रास्ते से होकर आवागमन करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने मामले की शिकायत जनपद पंचायत कटनी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) से करते हुए निर्माण कार्य की तकनीकी एवं वित्तीय जांच की मांग की है। शिकायत में पंचायत सचिव के साथ-साथ निर्माण कार्य की निगरानी करने वाले संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और निर्माण एजेंसी की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है।

आधा किलोमीटर सड़क का काम, लेकिन एक साल से ‘ब्रेक’ क्यों?

शिकायतकर्ताओं के अनुसार, वार्ड क्रमांक-6 में करीब आधा किलोमीटर लंबी सीसी सड़क के निर्माण के लिए रेत, गिट्टी और अन्य निर्माण सामग्री मौके पर पहुंचाई गई थी। कुछ दूरी तक काम होने के बाद निर्माण कार्य अचानक बंद हो गया और करीब एक वर्ष से सड़क अधूरी पड़ी हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान अधूरी सड़क पर कीचड़ और पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि निर्माण कार्य के लिए राशि स्वीकृत थी और सामग्री भी मौके पर पहुंच चुकी थी, तो आखिर निर्माण कार्य बीच में क्यों रोक दिया गया?

100 फीट काम, बाकी सामग्री गायब?’ ग्रामीणों ने उठाए गंभीर सवाल

शिकायत में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण के लिए लाई गई पूरी सामग्री का उपयोग उसी कार्य में नहीं किया गया। उनका दावा है कि करीब 100 फीट सड़क निर्माण के बाद शेष रेत, गिट्टी और सीमेंट को कथित रूप से अन्य स्थानों पर ले जाया गया।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यदि जांच में सरकारी निर्माण सामग्री को निर्धारित कार्य के अलावा कहीं और उपयोग किए जाने की पुष्टि होती है, तो यह सरकारी संपत्ति और निर्माण कार्य की पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर मामला हो सकता है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि मौके पर उपलब्ध और उपयोग की गई निर्माण सामग्री का भौतिक सत्यापन कराया जाए तथा निर्माण कार्य से संबंधित माप पुस्तिका, भुगतान विवरण और अन्य अभिलेखों की जांच की जाए।

पुरानी नाली पर फिर निर्माण का आरोप, दस्तावेज मांगने पर भी नहीं मिली जानकारी

ग्रामीणों ने एक अन्य गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वार्ड में करीब छह वर्ष पहले नाली निर्माण कराया जा चुका है। इसके बावजूद उसी स्थान पर दोबारा नाली निर्माण की स्वीकृति दर्शाकर सरकारी धन खर्च किए जाने की तैयारी की जा रही है।

वार्ड पंच द्वारा कथित रूप से निर्माण कार्यों से संबंधित जानकारी और दस्तावेज मांगे जाने के बावजूद पंचायत सचिव द्वारा जानकारी उपलब्ध नहीं कराने का भी आरोप लगाया गया है।

अब ग्रामीणों की मांग है कि पूरे मामले की तकनीकी, वित्तीय और प्रशासनिक जांच कराई जाए। साथ ही यह भी जांच हो कि सड़क निर्माण कार्य की निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों ने समय-समय पर स्थल निरीक्षण किया था या नहीं।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य की नियमित निगरानी हुई होती तो सड़क एक साल तक अधूरी नहीं रहती। अब सवाल यह है कि कन्हवारा की अधूरी सड़क की जिम्मेदारी आखिर किसकी है और ग्रामीणों को इस बदहाल रास्ते से कब राहत मिलेगी?

जनपद पंचायत सीईओ से मांग की गई है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले पंचायत पदाधिकारियों, संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों और निर्माण एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा अधूरे सड़क निर्माण को जल्द पूरा कराया जाए।

Legal Disclaimer

This report is based on complaints and allegations by local residents; claims remain unverified unless established through official inquiry, audit, or competent authority findings.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

In respect of all matters arising under and in relation to this Company or the Arrangement and waives, the exclusive jurisdiction of the courts of the Bhopal and the laws of Madhya Pradesh and India, to the fullest extent possible, shall be applicable. | CoverNews by AF themes.