कैमोर में तस्कर गिरफ्तार, स्लीमनाबाद में प्रशासन लापता क्यों?
कैमोर में शराब तस्कर की गिरफ्तारी, स्लीमनाबाद में अवैध शराब पर सवाल
Smuggler Arrested in Kaimore, Why Is the Administration Missing in Sleemanabad?
Special Correspondent, Mohan Nayak, Katni, MP Samwad News.
MP संवाद, कटनी। जिले में अवैध शराब का कारोबार लगातार प्रशासन की नाक के नीचे फल-फूल रहा है। एक ओर पुलिस कार्रवाई का दावा कर रही है, तो दूसरी ओर हालात ऐसे हैं कि महिलाएं खुद शराब पकड़कर कलेक्ट्रेट पहुंचने को मजबूर हैं। यही विरोधाभास जिले की कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
ऑटो में शराब की तस्करी, युवक गिरफ्तार
कैमोर थाना पुलिस ने बड़ारी मेन रोड पर बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑटो से शराब की तस्करी कर रहे एक युवक को गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी आशीष शर्मा के अनुसार, मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर घेराबंदी कर ऑटो क्रमांक MP-21 1060 को रोका गया। तलाशी के दौरान ऑटो से 63 लीटर अंग्रेजी गोवा शराब बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 49 हजार रुपये बताई गई है। वहीं तस्करी में प्रयुक्त ऑटो की कीमत लगभग एक लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस ने शराब सहित ऑटो को जब्त कर लिया है। आरोपी की पहचान 22 वर्षीय अमन चौधरी, निवासी ग्राम टिकरवारा (कुठला थाना क्षेत्र) के रूप में हुई है। उसके विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
स्लीमनाबाद में उबाल—महिलाएं सड़क पर, सिस्टम सवालों के घेरे में
इधर, स्लीमनाबाद क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री को लेकर महिलाओं का आक्रोश फूट पड़ा। क्षेत्र की 50 से अधिक महिलाएं कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचीं और प्रशासन के सामने अपना दर्द रखा। महिलाओं का आरोप है कि गांवों में खुलेआम अवैध शराब बिक रही है, जिसके चलते घरेलू हिंसा, झगड़े और मारपीट की घटनाएं बढ़ गई हैं।
महिलाओं ने साफ कहा कि शराब पीकर घर के पुरुष उनके साथ मारपीट कर रहे हैं, लेकिन पुलिस और आबकारी विभाग कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा। हालात से तंग आकर महिलाएं खुद शराब पकड़कर कलेक्ट्रेट पहुंचीं और कार्रवाई की मांग की।
सवाल जो प्रशासन से जवाब मांगते हैं
- जब कैमोर में तस्कर पकड़े जा सकते हैं, तो स्लीमनाबाद में शराब माफिया क्यों सुरक्षित हैं?
- क्या अवैध शराब कारोबार को कहीं न कहीं संरक्षण प्राप्त है?
- महिलाओं को खुद मोर्चा संभालने की नौबत क्यों आई?
अब देखना यह है कि प्रशासन इस चेतावनी को गंभीरता से लेता है या फिर महिलाओं का आक्रोश भी फाइलों में दफन होकर रह जाएगा।
