सुरक्षा इंतज़ाम फेल! जबलपुर के बड़े हॉस्पिटल में लगी भीषण आग.
Jabalpur’s Nema Heart Hospital fire raises alarms on safety norms. Administrative lapses exposed despite prior warnings and fire safety issues.
Jabalpur's Nema Heart Hospital in flames: Fire safety lapses raise concerns over hospital preparedness and administrative oversight.
Security Measures Failed! Massive Fire Breaks Out at Major Hospital in Jabalpur.
Special Correspondent, Bhopal, MP Samwad.
जबलपुर के नेमा हार्ट हॉस्पिटल में लगी भीषण आग ने फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहले से चेतावनी और फायर एनओसी में गड़बड़ी के बावजूद भर्ती जारी रही। जनहानि तो नहीं हुई, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही फिर उजागर हुई है।
A massive fire broke out at Nema Heart Hospital in Jabalpur, raising serious questions about hospital fire safety norms. Despite previous warnings and fire NOC irregularities, admissions continued. Quick action averted casualties, but administrative negligence is under scrutiny once again. Will there finally be accountability?
MP संवाद, जबलपुर के प्रतिष्ठित नेमा हार्ट हॉस्पिटल की पांचवीं मंजिल पर मंगलवार रात अचानक लगी भीषण आग ने शहर में हड़कंप मचा दिया। हालांकि दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई से आग पर नियंत्रण पा लिया गया और किसी जनहानि से बचा जा सका, लेकिन यह घटना अस्पतालों में फायर सेफ्टी नॉर्म्स की लगातार अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर गई है।
प्रमुख बिंदु:
- नगर निगम की जांच में पहले ही अस्पताल के फायर एनओसी में अनियमितताएं पाई गई थीं
- 17 अप्रैल को सीएमएचओ कार्यालय ने नए मरीजों की भर्ती पर रोक लगाई थी
- अस्पताल प्रबंधन ने आदेशों की अवहेलना कर भर्ती जारी रखी
- यह घटना 2022 के उस हादसे की याद दिलाती है जब एक निजी अस्पताल में आग से 7 लोगों की मौत हुई थी
प्रशासनिक लापरवाही सामने:
स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के बीच समन्वय की कमी इस घटना में स्पष्ट रूप से उजागर हुई है। जबकि सीएमएचओ कार्यालय ने अस्पताल को चेतावनी दी थी, निगम प्रशासन ने आदेशों के अनुपालन की निगरानी नहीं की। इस उदासीनता ने एक बार फिर अस्पताल सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब क्या?
प्रशासन के सामने अब सवाल है कि क्या वह इस बार ठोस कार्रवाई करेगा या फिर से नियमों की अनदेखी को नजरअंदाज कर देगा। नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त निगरानी तंत्र की आवश्यकता स्पष्ट हो चुकी है।