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हमारे नागरिकों के हितों की रक्षा के हमारे प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है : जयशंकर

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नई दिल्ली
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दुनिया के विभिन्न देशों से आज अपील किया कि वे भारत की प्रतिभाओं एवं युवा जनशक्ति का अपने यहां विकास के लिए लाभ लें।
डॉ जयशंकर ने यहां सुषमा स्वराज भवन में प्रवासी श्रमिकों के कानूनी एवं सुरक्षित प्रवासन के लिए विदेश मंत्रालय के विदेशी रोज़गार प्रभाग द्वारा विकसित पोर्टल ‘ईमाईग्रेट’ के नये संस्करण के अनावरण के मौके पर यह अपील की। इस मौके पर केन्द्रीय श्रम, रोज़गार, खेल एवं युवा मामलों के मंत्री मनसुख मांडविया और विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गरीटा भी उपस्थित थे।

डॉ जयशंकर ने कहा कि पिछले साल ही सुरक्षित और कानूनी प्रवासन चैनलों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए विदेश मंत्रालय के अभियान के दौरान प्रधानमंत्री ने 'सुरक्षित जाएं, संरक्षित जाएं' आदर्श वाक्य के साथ एक स्मारक डाक टिकट जारी किया था। आज का कार्यक्रम उस भावना को दर्शाता है क्योंकि यह जीवन को आसान बनाने और जन केंद्रित शासन को बढ़ाने के लिए मोदी सरकार की प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति है। ई-माइग्रेट पोर्टल का शुभारंभ भारतीय श्रमिकों के लिए एक सुरक्षित, अधिक पारदर्शी और समावेशी गतिशीलता बनाने के हमारे निरंतर प्रयासों का एक प्रमाण है और हमारे नागरिकों के हितों की रक्षा के हमारे प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

विदेश मंत्री ने कहा कि जबकि हम भारत की अर्थव्यवस्था और वैश्विक प्रतिष्ठा में अपने प्रवासी श्रमिकों के अमूल्य योगदान को पहचानते हैं, हमें उन कमजोरियों को भी स्वीकार करना चाहिए जिनका वे विदेशी भूमि पर सामना करते हैं। हमारे मिशनों, विशेष रूप से खाड़ी में मिशनों में समर्पित श्रमिक अताशे हैं जो श्रम और अन्य शिकायतों का निवारण सुनिश्चित करते हैं।
उन्होंने कहा, “मुझे यह जानकर खुशी हो रही है कि संशोधित ई-माइग्रेट पोर्टल में उनके सामने आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए 24 गुणा 7 बहुभाषी हेल्पलाइन नंबर भी हैं, जिनके लिए कभी-कभी तत्काल समाधान की आवश्यकता होती है।” उन्होंने कहा कि यह पाेर्टल एवं मोबाइल ऐप प्रवासी श्रमिकों के लिए अवसरों के द्वार खोल रहा है। भारत सरकार ने उनके लिए रोज़गार के अवसराें के साथ सुरक्षित एवं प्रशिक्षित प्रवासन के सभी उपाय भी मुहैया कराये हैं।

विदेश मंत्री ने इस मौके पर मौजूद विदेशी राजनयिकों से अपील की कि वे अपने अपने देशों के विकास की यात्रा में भारत की प्रतिभाओं एवं परिश्रमी युवाओं के कौशल का लाभ उठायें। उन्होंने सभी पक्षकारों से ईमाइग्रेट पोर्टल के उपयोग की भी अपील की।
मनसुख मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने भारत के युवाओं को ना केवल देश में बल्कि विश्व भर में रोज़गार के अवसर सुलभ कराने का संकल्प लिया है और उनका कहना है कि भारत सरकार के सभी मंत्रालयों एवं विभागों को समग्रता में सोचना एवं योजना तैयार करना चाहिए। ईमाइग्रेट पोर्टल उसी सोच का परिणाम है जिसमें श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय का नेशनल कैरियर पोर्टल और माई भारत पोर्टल भी जुड़ा है। इससे दुनिया के अन्य देशों को भी भारत की प्रतिभाओं का लाभ उठाने का मौका मिलेगा।
ईमाइग्रेट पोर्टल एवं मोबाइल ऐप में डिजीलॉकर, करीब छह लाख कॉमन सर्विस सेंटरों, भाषिणी अनुवाद सेवा, उमंग पोर्टलों को जोड़ा गया है। आर्थिक जांच वांछित (ईसीआर) श्रेणी के 21 देशों और नॉन ईसीआर देशों में काम के लिए इच्छुक कामगार सीधे पंजीकरण करा सकते हैं। विदेशी मिशनों में स्थायी रूप से माइग्रेशन अताशे की नियुक्ति की गयी है जो प्रवासी श्रमिकों की मदद के मुद्दों को देखते हैं।

 

 

 

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