कटनी की साख पर नशे का दाग – कब जागेगा सिस्टम?
Stain of Drugs on Katni’s Reputation – When Will the System Wake Up?
Harishankar Parashar, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.
Katni, once a peaceful city, is now drowning in illegal liquor, drugs, and tobacco trade. Despite police drives like ‘Operation Shikanja,’ big mafias flourish under political shelter and weak administration. Congress and IWC demanded strict action, highlighting the threat to youth, crime surge, and the city’s lost reputation.
MP संवाद, कटनी, 11 सितंबर 2025। मध्यप्रदेश का कभी शांतिप्रिय शहर कटनी आज नशे के घिनौने कारोबार का गढ़ बन चुका है। अवैध शराब, गुटखा, तंबाकू और ड्रग्स की बाढ़ ने न केवल युवाओं का भविष्य छीन लिया है, बल्कि समाज को अपराध, हिंसा और हत्याओं की भेंट चढ़ा दिया है। इस संकट की जड़ में प्रशासन की लचर नीतियां, राजनीतिक संरक्षण और बेरोजगारी जैसे कारक जिम्मेदार हैं, जो नशे के व्यापारियों को खुली छूट दे रहे हैं। आम जनता का दर्द चरम पर है और सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन इस महामारी से निपटने को तैयार है या यह सत्ता के खेल का हिस्सा है?
पिछले कुछ महीनों में कटनी पुलिस ने ‘ऑपरेशन शिकंजा’ अभियान चलाकर 58 स्थानों पर दबिश दी, 1.80 लाख रुपये की अवैध शराब जब्त की और 58 आरोपियों को गिरफ्तार किया। लेकिन सवाल यह है कि क्या ये कार्रवाईयां केवल दिखावे तक सीमित रह गई हैं? क्योंकि बड़े नशा माफिया आज भी राजनीतिक आशीर्वाद और प्रशासनिक मिलीभगत के कारण खुलेआम कारोबार चला रहे हैं।
इंडिया विद कांग्रेस (IWC) और जिला कांग्रेस सेवादल ने बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर चिंता जताई है। प्रदेश अध्यक्ष मंगल सिंह के नेतृत्व में शुक्रवार को IWC ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा, जिसमें नशाखोरी और इससे जुड़े अपराधों पर अंकुश लगाने की मांग की गई। संगठन का आरोप है कि नशे का अवैध कारोबार तेजी से फैल रहा है, जिससे युवाओं और बच्चों का भविष्य खतरे में है। हाल ही में कई गंभीर अपराध और हत्याएं नशे से जुड़े मामलों में सामने आई हैं।
ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें:
- रात 10 बजे के बाद अवैध शराब, गुटखा, तंबाकू और ड्रग्स की दुकानों पर पूर्ण प्रतिबंध।
- 18 वर्ष से कम बच्चों को नशा बेचने वालों पर कठोर दंड।
- मेडिकल स्टोरों से बिकने वाली दवाओं और सिरप के दुरुपयोग पर कड़ी नजर।
- सतत छापेमारी और निरंतर अभियान।
- नशामुक्ति के लिए जन-जागरूकता अभियान।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष मंगल सिंह समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। मंगल सिंह ने कहा— “प्रशासन की नींद टूटनी चाहिए। कटनी के लोग अब चुप नहीं रहेंगे। नशे का यह कारोबार शहर की साख को मिट्टी में मिला रहा है और हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।”