ग्यारसपुर में समाज उत्थान का संकल्प, कुशवाहा समाज ने रची नई परंपरा.
Resolution for Social Upliftment in Gyaraspur, Kushwaha Community Creates a New Tradition.
Sitaram Kushwaha, Special Correspondent, Vidisha, MP Samwad.
The Kushwaha community in Gyaraspur has taken a historic step by ending the age-old tradition of ‘Mrityu Bhoj.’ In a condolence meeting, they resolved to replace it with tribute gatherings and simple rituals. The community also framed new rules for social responsibility, marking a reformist move for unity and progress.
MP संवाद, विदिशा, ग्यारसपुर। समाज उत्थान और एकजुटता की दिशा में कुशवाहा समाज ने रविवार को श्रद्धांजलि सभा में ऐतिहासिक निर्णय लिए।
संजय कुशवाहा (सांची दूध डेयरी एवं टेंट हाउस संचालक) के मंजिले भाई स्वर्गीय गोपाल सिंह कुशवाहा (आयु 40 वर्ष) का आकस्मिक निधन 19 अगस्त 2025 को मानोरा के प्रसिद्ध जगदीश स्वामी मंदिर में हुआ था।
उनकी गंगा पूजन और श्रद्धांजलि सभा 31 अगस्त 2025 को राधा अष्टमी के दिन आयोजित की गई, जिसमें जिलेभर से समाजजन बड़ी संख्या में शामिल हुए।
मृत्यु भोज की परंपरा खत्म, श्रद्धांजलि सभा को मान्यता
सभा में यह निर्णय लिया गया कि समाज में अब मृत्यु भोज की परंपरा को समाप्त कर दिया जाएगा।
इसके स्थान पर केवल श्रद्धांजलि सभा आयोजित होगी और तेरहवीं पर ब्राह्मणों, कन्याओं एवं नजदीकी रिश्तेदारों को भोजन कराया जाएगा।
साथ ही, सालभर के अनराये भी तेरहवीं के दिन समाप्त करने की परंपरा को अपनाने का संकल्प लिया गया।
मवेशी की दुर्घटना पर सामाजिक नियम
सभा में यह भी तय किया गया कि यदि सड़क दुर्घटना में मवेशी की मृत्यु होती है, तो दोषी व्यक्ति नर्मदा या गंगा स्नान करने के बाद छोटे स्तर पर गंगा पूजन और कन्या भोज करेगा।
यह परंपरा समाज में धार्मिक अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करेगी।
समयानुकूल सुधारों का स्वागत
इन निर्णयों का स्वागत करते हुए समाजजनों ने कहा कि यह बदलाव समय की मांग हैं।
सभा में उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से इन नियमों का पालन करने की शपथ ली।
इस मौके पर पूर्व जिला अध्यक्ष बाबूलाल कुशवाहा, वरिष्ठ समाजसेवी भगवान सिंह कुशवाहा, रतन पटेल, सरपंच राजू कुशवाहा, किशोर कुशवाहा, लीलाधर कुशवाहा, अवध बिहारी कुशवाहा और डॉ. गणेशराम कुशवाहा सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।