लापरवाही की कीमत – ग्वालियर में एक साथ 13 सफाई कर्मचारी बाहर.
Price of Negligence – 13 Sanitation Workers Sacked at Once in Gwalior.
Special Correspondent, Gwalior, MP Samwad.
In a first-of-its-kind action, Gwalior Municipal Corporation terminated 13 outsourced sanitation workers for negligence and persistent absence despite repeated warnings. The step sends a strong message that the city’s cleanliness cannot be compromised. Officials warned that any further lapse in sanitation duties will directly lead to dismissal without leniency.
MP संवाद ग्वालियर में पहली बार नगर निगम ने सफाई कर्मचारियों पर कड़ा कदम उठाया है। गंदगी और लापरवाही को लेकर एक साथ 13 आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं।
चेतावनी के बाद भी नहीं सुधरे कर्मचारी
नगर निगम उपायुक्त अमर सत्य गुप्ता ने बताया कि निगम आयुक्त संघप्रिय लगातार स्वच्छता व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे थे। बार-बार चेतावनी देने के बावजूद कई कर्मचारी लापरवाह बने रहे। नतीजतन, उनकी नौकरी पर गाज गिरी।
पहली बार सीधे बर्खास्तगी
ग्वालियर नगर निगम में यह पहला मौका है जब सफाई कर्मियों को सीधे बर्खास्त किया गया है। यह फैसला उन कर्मचारियों के लिए चेतावनी है जो काम में कोताही बरतते हैं।
ये कर्मचारी हुए बाहर
लंबे समय से अनुपस्थित और लापरवाही के कारण जिनकी नौकरी गई, उनके नाम इस प्रकार हैं –
- वार्ड 29: गुड्डन पुत्र रघुवीर (अनुपस्थित)
- वार्ड 20: दिलीप पुत्र छोटेलाल
- वार्ड 26: मुकुल, दीपक, विजय
- वार्ड 27: मनोज
- वार्ड 35: नीतू, जितेन्द्र, सार्थक, संजय
- वार्ड 37: अनिल
- वार्ड 41: अजीत
- वार्ड 54: शैलेन्द्र/ज्योति
आयुक्त का सख्त संदेश
निगम आयुक्त संघप्रिय ने स्पष्ट कहा कि शहर की गंदगी और लापरवाही अब किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो सफाई व्यवस्था में ढिलाई करेगा, उसकी जगह नौकरी में नहीं, बाहर होगी।