रासायनिक हमले की स्थिति में क्या करें? ग्वालियर प्रशासन ने DRDE से सीखे ये अहम सबक.
Ground Report: How Madhya Pradesh prepares for chemical threats. See full training details at mpsamwad.com
Exclusive: Gwalior Collector and SP learn CBRN threat response techniques from DRDE experts at defense research facility
What to Do in a Chemical Attack? Gwalior Administration Learns Vital Lessons from DRDE.
Kamlesh, Editor Desk, Bhopal, MP Samwad.
ग्वालियर की अनोखी तैयारी! DRDE ने सिखाए रासायनिक हमले से बचने के गुर – गीले कपड़े, हवा की दिशा और मिट्टी से सफाई के तरीके। एक्सक्लूसिव रिपोर्ट।
GWALIOR PREPARES FOR WORST! DRDE trains officials on chemical attack survival – wet cloth masks, wind direction tracking & mud decontamination techniques learned. Exclusive insights from India’s premier defense research institute.
MP संवाद, ग्वालियर। ऑपरेशन सिंदूर के चलते जब पाकिस्तान बौखलाया हुआ है, तो भारत ने अपनी तैयारियों को और पुख्ता कर लिया है। DRDE ग्वालियर में आज एक ऐतिहासिक प्रशिक्षण हुआ, जहां पहली बार सिविल अधिकारियों को रासायनिक/जैविक हमलों से बचने के गुर सिखाए गए!
क्यों है ये ट्रेनिंग खास?
✅ देश में पहली बार सिविल अधिकारियों को CBRN वारफेयर ट्रेनिंग
✅ कलेक्टर-एसपी से लेकर डॉक्टर्स तक सीख रहे हैं जान बचाने के तरीके
✅ आतंकियों के “डर्टी बम” (रासायनिक मिले हथियार) का मुकाबला करने की तैयारी
क्या सीखा अधिकारियों ने?
- “हवा के रुख को पहचानें”: रासायनिक हमले में विपरीत दिशा में भागना जरूरी
- “गीले कपड़े हैं जीवनरक्षक”: सांस लेने से पहले मुंह पर बांधें
- “मिट्टी-राख से धोएं शरीर”: रासायनिक अटैक के बाद ये चीजें बचा सकती हैं जान
DRDE निदेशक डॉ. परीडा का कहना है – “ग्वालियर रक्षा उद्योगों का हब है। हम हर संभव खतरे के लिए तैयार हैं।”