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स्वास्थ्य विभाग की तत्परता! 30 मिनट में मरीज पहुंचा दमोह जिला अस्पताल.

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A Green Corridor was created in Hata to rush a critical patient to Damoh Hospital in just 30 minutes, ensuring immediate medical care.

Ambulance rushing through a Green Corridor with police escort for emergency patient transport

Swift action! Green Corridor ensures a critical patient reaches Damoh hospital in record time.

Health Department’s Readiness! Patient Reached Damoh District Hospital in 30 Minutes.

Sone Singh Thakur, Special Correspondent, Damoh, MP Samwad.

A critical patient in Hata was swiftly transported to Damoh District Hospital via a Green Corridor, ensuring life-saving treatment within 30 minutes. The coordinated effort by health officials, police, and administration played a crucial role in the timely transfer. The patient and newborn are now stable, thanks to rapid medical intervention.

दमोह, हटा विकास सबडिवीजन के ग्राम आबदा की एक महिला, जिसने पीएचसी हिनौता में आज ही बच्चे को जन्म दिया था, अचानक गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझने लगी। स्थिति बिगड़ने पर पीएचसी हिनौता के स्वास्थ्य कर्मियों ने तुरंत सिविल अस्पताल हटा के सीबीएमओ डॉ. उमाशंकर पटेल को इसकी सूचना दी।

डॉ. पटेल ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जिला कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर, एसडीएम हटा और एसडीओपी हटा को जानकारी दी। कलेक्टर के निर्देशानुसार, महिला को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, हटा लाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने प्राथमिक उपचार दिया। मरीज की हालत को देखते हुए ग्रीन कॉरिडोर बनाकर उसे जिला अस्पताल दमोह भेजने का निर्णय लिया गया।

ग्रीन कोरिडोर क्या होता है.

ग्रीन कॉरिडोर एक विशेष रूप से बनाई गई आपातकालीन मार्ग व्यवस्था है, जिसका उपयोग गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए किया जाता है. चिकित्सा आपात स्थितियों में तेजी से परिवहन के लिए किया जाता है।

इस प्रक्रिया के तहत पुलिस और प्रशासन मिलकर एक निर्धारित रूट पर ट्रैफिक को नियंत्रित करते हैं, जिससे एम्बुलेंस बिना किसी रुकावट के तेजी से अस्पताल तक पहुंच सके। ग्रीन कॉरिडोर का उद्देश्य मरीज को न्यूनतम समय में आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना होता है, जिससे उसकी जान बचाई जा सके।

30 मिनट में सुरक्षित पहुंचाया गया मरीज

डॉ. पटेल ने पहले ही दमोह जिला अस्पताल की मेडिकल टीम को स्थिति से अवगत करा दिया था, जिससे मरीज के पहुंचते ही उसे तुरंत आवश्यक चिकित्सा मिल गई। इस बेहतरीन रणनीति की बदौलत, मात्र 30 मिनट में महिला को हटा से दमोह पहुंचा दिया गया, जिससे उसकी और नवजात की जान बच गई।

कलेक्टर ने टीम को दी बधाई

हटा एसडीएम राकेश सिंह मरकाम, हटा एसडीओपी प्रशांत सिंह सुमन और पूरी स्वास्थ्य टीम की बेहतरीन रणनीति से यह सफल मिशन पूरा हुआ। जिला कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से महिला को न्यूनतम समय में अस्पताल पहुंचाने पर पूरी टीम को बधाई दी और इसी तरह आगे भी समर्पण से कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया।

फिलहाल महिला पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ है, और जिला अस्पताल दमोह में उसका उपचार जारी है।

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