गजक के नाम पर गंदगी! प्रशासनिक छापे में खुली बड़ी सच्चाई.
Administration seals gajak factory after unhygienic and illegal food production exposed in Indore.
Filth in the name of Gajak! Major truth exposed in administrative raid.
Special Correspondent, Ram Lakhan Yadav, Indore, MP Samwad.
इंदौर। शहर में मिलावटखोरी और अस्वच्छ खाद्य उत्पादन के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने नेताजी सुभाष मार्ग और पाटनीपुरा क्षेत्र में संचालित मां दुर्गा गजक भंडार और जय मां दुर्गा गजक भंडार पर छापा मार कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान दोनों प्रतिष्ठानों में अत्यधिक गंदगी, धूल, कचरा और अस्वच्छ वातावरण पाया गया, जहां खुले में और बिना किसी मानक के गजक एवं मूंगफली पट्टी तैयार की जा रही थी।
जांच टीम ने पाया कि इन प्रतिष्ठानों में न तो उचित स्वच्छता व्यवस्था थी और न ही वैध खाद्य लाइसेंस। इसके बावजूद बड़े पैमाने पर उत्पादन कर बाजार में सप्लाई की जा रही थी। टीम ने मौके से गजक और मूंगफली पट्टी के सैंपल लेकर लैब जांच के लिए भेज दिए हैं, ताकि मिलावटी सामग्री के उपयोग की सच्चाई सामने आ सके।
स्थिति गंभीर देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से दोनों प्रतिष्ठानों का उत्पादन बंद करा दिया। मौके पर उपस्थित प्रतिष्ठान संचालक ने स्वीकार किया कि सर्दियों में बढ़ती मांग को देखते हुए वे प्रदेश के विभिन्न इलाकों में सप्लाई करते हैं।
यह मामला सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि एक बड़ा सवाल खड़ा करता है—आखिर कब तक मिलावटखोर लोगों की सेहत से खिलवाड़ करते रहेंगे? क्या निरीक्षण केवल औपचारिकता बनकर रह गया है, जबकि ऐसे प्रतिष्ठान निरीक्षण से पहले तक बेखौफ चलते रहते हैं? प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसी इकाइयों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। नागरिकों से भी अपील की गई है कि संदिग्ध खाद्य पदार्थों की शिकायत तुरंत प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई संभव हो सके।